छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक पालतू कुत्ते के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। तोरवा थाना क्षेत्र के मुक्तिधाम में एक परिवार अपने पालतू डॉग का दाह संस्कार करने पहुंचा था, लेकिन इसकी जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों और कुछ संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।
जानकारी के अनुसार, कुदुदंड क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार के पालतू कुत्ते की मौत हो गई थी। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वह उनके लिए सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य जैसा था। इसी भावनात्मक जुड़ाव के चलते उन्होंने उसे सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने का फैसला किया। परिवार का दावा है कि उन्होंने अनुमति लेकर हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार तोरवा मुक्तिधाम में उसका अंतिम संस्कार किया।
स्थानीय लोगो ने किया विरोध
दूसरी ओर, मुक्तिधाम में कुत्ते का दाह संस्कार किए जाने की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग और हिंदू संगठनों के सदस्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने इस पर आपत्ति जताते हुए विरोध किया। लोगों का कहना था कि मुक्तिधाम इंसानों के अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित स्थान है। यहां किसी पशु का दाह संस्कार करना धार्मिक परंपराओं और लोगों की भावनाओं के विपरीत है। विरोध करने वाले लोगों ने मुक्तिधाम के केयरटेकर पर आरोप लगाया कि उसने 2 हजार रुपए लेकर कुत्ते के अंतिम संस्कार की अनुमति दी। उनका कहना है कि इस संबंध में नगर निगम से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी। लोगों ने इस मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की है।
पार्षद ने थाने में कि लिखित शिकायत
मामले की जानकारी मिलने के बाद वार्ड नंबर 41 के पार्षद मोती गंगवानी भी मुक्तिधाम पहुंचे। उन्होंने इस घटना पर आपत्ति जताई और तोरवा थाने में लिखित शिकायत दी। पार्षद का आरोप है कि इंसानों के अंतिम संस्कार के लिए बने मुक्तिधाम में पशु का दाह संस्कार किया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पालतू कुत्ते की मालकिन का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने बताया कि कुत्ता उनके परिवार का हिस्सा था और उसकी मौत से पूरा परिवार दुखी था। इसी कारण उन्होंने सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया।एसपी ने कहा- कार्रवाई की जरूरत नहीं
मामले को लेकर एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल ने बताया कि परिवार अपने पालतू कुत्ते से काफी जुड़ा हुआ था, इसलिए वे उसे अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम लेकर गए थे। उन्होंने बताया कि विरोध की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन मामला कानून-व्यवस्था या पुलिस कार्रवाई से जुड़ा नहीं था। दोनों पक्षों को समझाइश देकर शांत करा दिया गया है। फिलहाल इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।