डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर चिटफंड कंपनियों के लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सूरजपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। थाना सूरजपुर पुलिस ने धोखाधड़ी और चिटफंड से जुड़े एक पुराने मामले में पीएसीएल कंपनी के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी का गंभीर आरोप है।
पीएसीएल कंपनी के डायरेक्टरों ने लोगों को पैसा दोगुना करने का लालच देकर निवेश करवाया था। लेकिन मैच्यूरिटी अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों को उनकी राशि वापस नहीं की गई, जिससे यह मामला धोखाधड़ी का साबित हुआ।
मामले में दर्ज अपराध और कानूनी कार्रवाई
इस प्रकरण में अपराध क्रमांक 182/2016 दर्ज किया गया है। इसमें धारा 420, 120बी भादसं., 4, 5, 6 ईनामी चिटफंड एवं धन परिचालन स्कीम पाबंदी अधिनियम 1978 तथा पीडीआई एक्ट 2005 की धारा 10 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना की गई। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि पीएसीएल कंपनी के कुछ डायरेक्टर जिला जेल कवर्धा में बंद हैं। इसके बाद माननीय न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट लेकर दो आरोपियों को जेल से तलब किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में गुरजंट सिंह गिल उर्फ गुरजन सिंह (82 वर्ष), निवासी एसएएस नगर, मोहाली (पंजाब) और गुरनाम सिंह (77 वर्ष), निवासी जिला रूपनगर (पंजाब) शामिल हैं। पूछताछ में दोनों ने अन्य डायरेक्टरों के साथ मिलकर ठगी की बात स्वीकार की है।अब तक कुल 8 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही कंपनी के 6 अन्य डायरेक्टरों—निर्मल सिंह भंगू, त्रिलोचन सिंह, सुखदेव सिंह, जोगेन्दर टाईगर, गुरमीत सिंह और सुब्रत भट्टाचार्य—को गिरफ्तार कर चुकी है। इस तरह अब तक कुल 8 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी सूरजपुर विमलेश दुबे, एसआई लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता, एएसआई संजय सिंह एवं आरक्षक जयप्रकाश सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
