छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में ओवरटाइम भुगतान घोटाले की जांच में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने निगम के पूर्व प्रबंध संचालक (एमडी) अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है।
उन्हें 17 जुलाई को हिरासत में लेने के बाद 18 जुलाई को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने 20 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इस मामले में EOW पहले ही 12 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट पेश कर चुकी है।
12 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल
आरोपियों में अनवर ढेबर, नवीन प्रताप सिंह तोमर, तिजऊराम निर्मलकर, अभिषेक सिंह, नीरज कुमार चौधरी, अजय लोहिया, अजीत नरबले, अमित प्रभाकर सालुंके, अमित मित्तल, एन. उदय राव, राजीव द्विवेदी और संजीव जैन शामिल हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि करीब 172 करोड़ रुपए के इस घोटाले में अरुणपति त्रिपाठी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। जांच का फोकस भुगतान स्वीकृति की प्रक्रिया, कमीशन नेटवर्क और पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका पर भी रहेगा।क्या है CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाला?
जांच के अनुसार, वर्ष 2019 से 2024 के बीच CSMCL में मैनपावर और प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से ओवरटाइम भत्ते के नाम पर बड़े पैमाने पर भुगतान किए गए। इस दौरान करीब 115 करोड़ रुपए जारी किए गए। आरोप है कि यह राशि वास्तविक कर्मचारियों तक पहुंचने के बजाय अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के बीच बांट दी गई। इस घोटाले की परतें तब खुलनी शुरू हुईं, जब 29 सितंबर 2023 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के दौरान तीन लोगों के पास से 28 लाख रुपए नकद बरामद हुए थे। इसके बाद मामले की जांच तेज हुई और अब EOW लगातार कार्रवाई कर रही है।