जिले में अवैध कारोबारियों और सटोरियों के खिलाफ दंतेवाड़ा पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन' लगातार जारी है। इसी कड़ी में पुलिस ने बचेली के एक गुप्त ठिकाने पर चल रहे सट्टे के बड़े खेल का पर्दाफाश किया है। पुलिस की इस अचानक हुई छापेमारी से इलाके के सटोरियों में हड़कंप मच गया है। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में नगदी और सट्टा-पट्टी बरामद की गई है।
यह पूरी कार्रवाई 25 मई 2026 को अंजाम दी गई। थाना बचेली पुलिस को पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली थी कि जे.डी. किराना स्टोर्स के पीछे सुनसान इलाके का फायदा उठाकर एक शख्स बड़े पैमाने पर अवैध सट्टा-पट्टी लिखने का काम कर रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना वक्त गंवाए थाना बचेली और साइबर सेल दंतेवाड़ा की एक संयुक्त टीम का गठन किया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से बताए गए ठिकाने की घेराबंदी की और मौके पर ही एक संदिग्ध को रंगे हाथों कागज पर नंबर लिखते हुए दबोच लिया।
वार्ड नंबर 2 का जयदेव अग्रवाल गिरफ्तार
बरामदगी का विवरण:
नगद राशि: ₹35,175 (पैंतीस हजार एक सौ पचहत्तर रुपये)
सामग्री: सट्टा-पट्टी लिखी पर्चियां, अंकों से भरे दस्तावेज और पेन।
पुलिस ने मौके पर ही सट्टा सामग्री और नगदी को जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम की धारा 06 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इन अधिकारियों के नेतृत्व में मिली सफलता
यह बड़ी कामयाबी दंतेवाड़ा पुलिस कप्तान के सख्त तेवरों का नतीजा है। यह पूरी कार्रवाई निम्नलिखित अधिकारियों के मार्गदर्शन और टीम वर्क से सफल हो सकी:
दिशा-निर्देशन: गौरव राय (पुलिस अधीक्षक, दंतेवाड़ा)
मार्गदर्शन: राम कुमार बर्मन (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक), कमलजीत पाटले (एसडीओपी किरंदुल), और डीएसपी गौरव ठाकुर (साइबर सेल प्रभारी)।
ग्राउंड टीम: थाना प्रभारी प्रहलाद कुमार साहू, साइबर सेल उप निरीक्षक राम विलास नेगी, उपनिरीक्षक रामकुमार जैन, सहायक उपनिरीक्षक रामजी कुंवर, सोहन ठाकुर समेत थाना व साइबर टीम के जवानों की भूमिका सराहनीय रही।
अपराधियों को दंतेवाड़ा पुलिस का कड़ा संदेश
इस सफल रेड के बाद दंतेवाड़ा पुलिस ने साफ कर दिया है कि जिले में सट्टा, जुआ, नशा या किसी भी तरह का अवैध कारोबार करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसे अपराधियों के लिए जिले में अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है और आने वाले दिनों में ऐसी कार्रवाइयां और तेज की जाएंगी।
