भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले आतंकियों के लिए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) अब सुरक्षित पनाहगाह नहीं रह गए हैं। एक बड़ी और सनसनीखेज खबर के मुताबिक, साल 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए भीषण आत्मघाती हमले के मास्टरमाइंड और वांटेड आतंकी हमजा बुरहान की PoK के मुजफ्फराबाद में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना बुरहान, आतंकी संगठन अल-बद्र और पाकिस्तान के छद्म युद्ध (Proxy War) नेटवर्क का एक मुख्य मोहरा था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना PoK की राजधानी मुजफ्फराबाद की है। हमजा बुरहान वहां छिपकर रह रहा था और वहीं से भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। घात लगाकर बैठे अज्ञात हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हमले के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हमेशा की तरह, इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जिम्मेदारी किसी भी संगठन ने नहीं ली है। पाकिस्तान की स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां मामले की जांच का दावा कर रही हैं, लेकिन हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिला है।
कौन था हमजा बुरहान और क्या था उसका रोल?
हमजा बुरहान सिर्फ एक आतंकी नहीं, बल्कि पाकिस्तानी खुफिया तंत्र और आतंकी संगठनों के बीच की एक मजबूत कड़ी था।
लॉजिस्टिक और ट्रेनिंग किंगपिन: बुरहान का मुख्य काम जम्मू-कश्मीर में स्थानीय युवाओं को गुमराह कर आतंकियों की भर्ती करना था। वह उन्हें हथियारों की ट्रेनिंग देने और सीमा पार से लॉजिस्टिक सपोर्ट (हथियार और फंड) मुहैया कराने का जिम्मा संभालता था।
पुलवामा हमले का ब्लूप्रिंट: 2019 के पुलवामा हमले की साजिश को जमीन पर उतारने वाले प्रमुख रणनीतिकारों में बुरहान का नाम शामिल था। वह भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की 'मोस्ट वांटेड' लिस्ट में ऊपर था।
पाकिस्तान में 'अज्ञात बंदूकधारियों' का खौफ
देश कभी नहीं भूला वो जख्म
14 फरवरी 2019: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर एक आत्मघाती हमलावर ने बारूद से भरी कार टकरा दी थी। इस कायरतापूर्ण हमले में भारत के 40 वीर जवान शहीद हो गए थे। हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी, जिसके बाद भारत ने 'बालाकोट एयरस्ट्राइक' कर पाकिस्तान के घर में घुसकर बदला लिया था।
अंतिम विश्लेषण:
हमजा बुरहान का खात्मा पुलवामा के शहीदों के परिवारों और भारतीय सुरक्षा बलों के लिए एक परोक्ष (Indirect) न्याय की तरह है। पाकिस्तान भले ही इन आतंकियों को सुरक्षा देता रहा हो, लेकिन 'अंजाम' से वो उन्हें बचा नहीं पा रहा है।
