Delhi Air Pollution: दिवाली से पहले ही सांसों पर संकट, AQI पहुंचा 350 के करीब, दमघोंटू हुई हवा
Delhi Air Pollution: दिवाली से पहले दिल्ली में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ने लगा है। रविवार को राजधानी का औसत AQI करीब 350 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। अक्षरधाम, इंडिया गेट और जनपथ समेत कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रहा। बढ़ते प्रदूषण के बीच बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
Delhi Air Pollution: अभी दिवाली आने में पूरा एक हफ्ता बाकी है, लेकिन राजधानी दिल्ली की फिजाओं में अभी से जहर घुलने लगा है। बीते दो दिनों तक हुई हल्की बारिश ने लोगों को प्रदूषण से थोड़ी राहत जरूर दी थी, लेकिन रविवार का दिन एक बार फिर डराने वाला साबित हुआ। दिल्ली का
औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) उछलकर सीधे 350 के करीब पहुंच गया है, जिसे 'बेहद खराब' श्रेणी में गिना जाता है।
अक्षरधाम और इंडिया गेट के पास सबसे बुरा हाल
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सुबह के वक्त शहर के कई हिस्सों में हवा की गुणवत्ता बेहद चिंताजनक स्तर पर दर्ज की गई।
अक्षरधाम मंदिर और आसपास का इलाका: राजधानी में सबसे ज्यादा प्रदूषण यहीं दर्ज किया गया।
इंडिया गेट और जनपथ: यहां भी हवा का हाल बेहाल रहा और AQI 335 तक पहुंच गया।
व्यापक असर: दिल्ली के लगभग 23 से ज्यादा इलाकों में AQI का स्तर 300 का आंकड़ा पार कर चुका है।
सरकारी पाबंदियों के बाद भी क्यों बढ़ रहा है प्रदूषण?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रशासन ने
प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए पहले से ही पाबंदियां और गाइडलाइंस लागू कर रखी हैं, तो फिर हवा इतनी तेजी से जहरीली कैसे हो रही है? त्योहार में अभी वक्त है, ऐसे में जानकारों और मौसम विशेषज्ञों के बीच यह चिंता सताने लगी है कि अगर यही रफ्तार रही, तो दिवाली के आसपास दिल्ली का एक्यूआई एक बार फिर 500 का खतरनाक स्तर पार कर सकता है।
क्या कहता है AQI का पैमाना?
यह समझना बेहद जरूरी है कि हवा की यह सेहत आपकी सेहत पर कितना भारी पड़ सकती है। AQI को कुल 6 श्रेणियों में बांटा गया है:
अच्छा (0-50): साफ और शुद्ध हवा
संतोषजनक (51-100): सामान्य स्थिति
मध्यम प्रदूषित (101-200): संवेदनशील लोगों को हल्की परेशानी
खराब (201-300): सांस के मरीजों को दिक्कत
बहुत खराब (301-400): लंबे समय तक संपर्क में रहने पर सांस की बीमारी
गंभीर (401-500): स्वस्थ इंसानों के लिए भी खतरनाक
विशेषज्ञों का साफ कहना है कि जब भी AQI 200 के पार जाता है, तो यह हमारे फेफड़ों और दिल की सेहत पर बुरा असर डालना शुरू कर देता है। ऐसे में बुजुर्गों और बच्चों को सुबह की सैर के वक्त खास सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।