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तकनीकी और पर्यटन विकास की योजना
तकनीकी और पर्यटन विकास की योजना
रायपुर

 विकास : नक्सलमुक्त बस्तर अब आर्थिक और तकनीकी हब बनने को तैयार 

नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सलमुक्त बस्तर के लिए व्यापक विकास रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने आदिवासी परिवारों की आय दोगुनी करने, डेयरी क्रांति लाने, 32 हजार हेक्टेयर में सिंचाई विस्तार, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और पर्यटन को रोजगार के बड़े स्रोत के रूप में विकसित करने की योजना साझा की।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 12 Jun 2026, 11:14 AM · अपडेट: 04 Oct 2026, 05:29 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में बस्तर की नई तस्वीर पेश की। उन्होंने बताया कि दशकों तक हिंसा की मार झेलने वाला बस्तर अब आर्थिक पुनरुत्थान, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित विकास का मॉडल बनेगा। मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर के आदिवासी परिवारों की मासिक आय 30 हजार रुपये तक बढ़ाने की योजना साझा की। वर्तमान में लगभग 85% परिवारों की आय 15,000 रुपये से कम है। सरकार खेती, पशुपालन, वन उपज और छोटे उद्योगों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर काम कर रही है।

स्थायी आय और रोजगार का साधन

बस्तर में डेयरी मॉडल को लागू किया जा रहा है। इसके तहत आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलेगा और गांवों में डेयरी केंद्र, दूध संग्रहण, परिवहन और स्थानीय बाजार जैसी नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में 32,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले दो बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं।

डिजिटल स्वास्थ्य से ग्रामीण कल्याण

बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को बेहतर इलाज मिलेगा और डॉक्टरों को समय पर सटीक जानकारी उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के लगभग 200 सुरक्षा शिविर अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ मिलेगा।

पर्यटन

चित्रकोट और बौद्ध तीर्थस्थल सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने का कार्य जारी है। बस्तर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। पर्यटन से होटल, गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय उद्यमियों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 435 सुधार लागू किए गए हैं और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग की दो आधुनिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं।

शिक्षा और कौशल विकास में नई पहल

बस्तर में शिक्षा के क्षेत्र में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है, लागत 100 करोड़ रुपये। इसके साथ ही 341 पीएम स्कूल, 5,857 स्मार्ट क्लासरूम और 16 स्थानीय भाषाओं में द्विभाषी पुस्तकें बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रही हैं। 33 लाख से अधिक किसानों को एग्रीस्टैक योजना के माध्यम से डिजिटल सेवाओं से जोड़ा गया है। डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और सरल बना रहे हैं।

विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण

सरकार ने एआई मिशन, पर्यटन मिशन, खेल मिशन, अधोसंरचना मिशन और स्टार्टअप-निपुण मिशन शुरू किए हैं। इनसे युवाओं को रोजगार, तकनीक और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे। छत्तीसगढ़ में खेल सामग्री, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायो-एथेनॉल, गारमेंट और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। इसके साथ ही ‘एक जिला-एक उत्पाद (ODOP)’ योजना के तहत राज्य के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाया जा रहा है।

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