छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ईदगाहभाठा इलाके से आस्था और विश्वास को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ खैरागढ़ जिले के रहने वाले 40 वर्षीय ढोंगी पीर मुस्तकीम बेग ने मन्नत पूरी कराने आए एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़के को अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश की। यह वारदात 15 जून की है, जब पीड़ित अपनी किसी मुराद के सिलसिले में आरोपी के पास पहुंचा था।
आरोपी ने मौके का फायदा उठाकर नाबालिग को कमरे में बुलाकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद, अंधविश्वास का झांसा देते हुए उसने लड़के के कपड़े उतरवाए, उसे कमरे में गोल-गोल घूमने पर मजबूर किया और जबरन अपने पैर चूमने को कहा। इस घिनौनी और अश्लील हरकत के बाद आरोपी ने पीड़ित को वापस भेज दिया।
मन्नत के नाम पर बिछाया जाल
आस्था की आड़ में छिपे इस भेड़िये का सच तब सामने आया, जब महज 17 साल का एक मासूम अपनी कोई मुराद पूरी कराने की आस में इसके ठिकाने पर पहुंचा। ईदगाहभाठा के एक बंद कमरे में पीर मुस्तकीम बेग घात लगाए बैठा था। जैसे ही बच्चा कमरे के अंदर दाखिल हुआ, ढोंगी ने सबसे पहले पीछे से दरवाजा बंद कर सांकल चढ़ा दी। मासूम को भनक तक नहीं थी कि जिसे वह अपनी तकदीर बदलने वाला रहनुमा समझ रहा है, वह अंदर कमरा बंद करते ही अपनी हवस और घिनौनी साजिश का जाल बुनने लगा है।
मुराद पूरी करने के बहाने शर्मनाक करतूत
इसके बाद पीर ने नाबालिग लड़के से कहा कि उसकी मुराद पूरी हो जाएगी| अपनी शर्मनाक हरकत को अंजाम देने के लिए उसने बच्चे की कपड़े उतरवा दिए| करीब 5 मिनट तक बच्चे को कमरे में गोल-गोल घूमने के लिए कहा| आरोपी इतने पर भी नहीं रुका और पीड़ित से जबरन पैर चूमने के लिए कहा| बोला कि पैर चूमने से मुराद पूरी हो जाएगी|अश्लील हरकतों को अंजाम देने के बाद उसने बच्चे को कपड़े पहनाकर वापस भेज दिया|
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
ढोंगी पीर की इस हरकत के बाद पीड़ित और उसका परिवार डरा और सहमा हुआ है| पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 127(2), धारा 11(2) और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है| मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीनियर पुलिस अधिकारियों ने संबंधित थाना प्रभारी को कार्रवाई के निर्देश दिए| इसके बाद आरोपी से गहन पूछताछ की गई और घेराबंदी के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है|