Dow Jones Markets: भारतीय शेयर बाजार ने 12 सितंबर को लगातार तीन कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए मजबूती के साथ वापसी की। शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, लेकिन बाद में बाजार ने निचले स्तरों से जोरदार रिकवरी दर्ज की। बैंकिंग सेक्टर के दिग्गज शेयरों में आई खरीदारी के चलते बाजार में सकारात्मक माहौल बना और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) दिन के निचले स्तर से करीब 600 अंक ऊपर चढ़कर बंद हुआ।
HDFC-Axis Bank से बाजार को सहारा
वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी तेजी के साथ 23,400 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंच गया। निवेशकों ने कमजोर शुरुआत के बाद चुनिंदा बड़े शेयरों में खरीदारी बढ़ाई, जिससे बाजार को मजबूती मिली। HDFC और Axis Bank के शेयरों में जोरदार खरीदारी बाजार में आई इस तेजी का सबसे बड़ा कारण बैंकिंग सेक्टर के प्रमुख शेयरों में हुई खरीदारी रही।
पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट और मुनाफावसूली के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी का रुख अपनाया।
तीन दिन बाद बाजार में राहत
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रियता और वैश्विक बाजारों से मिले संकेतों ने भी इस रिकवरी में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, निवेशक अभी भी वैश्विक परिस्थितियों और आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए हुए हैं।
तीन दिन की गिरावट के बाद निवेशकों को राहत पिछले तीन कारोबारी सत्रों में बाजार में लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ था। इस दौरान कई प्रमुख शेयरों में गिरावट देखने को मिली थी।
क्रूड ऑयल से चिंता बरकरार
ऐसे में 12 सितंबर की तेजी ने निवेशकों को राहत दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव अभी भी जारी रह सकता है, लेकिन मजबूत कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का रुझान बाजार को सहारा दे सकता है। क्रूड ऑयल की कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव बनी चुनौती हालांकि, वैश्विक स्तर पर कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई और आर्थिक दबाव को लेकर निवेशकों की चिंता बनी हुई है।
आगे की चाल पर नजर
इसके अलावा, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) का असर भी वैश्विक बाजारों की धारणा पर पड़ रहा है। इन चुनौतियों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई और गिरावट के दौर से बाहर निकलने का संकेत दिया। निवेशकों की नजर अब आगे की दिशा पर बाजार की आगे की चाल घरेलू आर्थिक आंकड़ों, कंपनियों के प्रदर्शन और वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।

