भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही पिथौरा नगर में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। आलम यह है कि नगर के कई वार्डों में लोग एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इस जल संकट से त्रस्त होकर वार्ड क्रमांक 1, 2 और 3 की महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा है। गुरूवार को भारी संख्या में महिलाओं ने अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय पिथौरा पहुंचकर एक लिखित ज्ञापन सौंपा और पेयजल व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने की गुहार लगाई है।
एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में महिलाओं ने बताया कि वार्ड क्रमांक 1, 2 और 3 के सभी निवासी पिछले कई दिनों से पेयजल की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। घरों में लगे नलों से पानी आना लगभग बंद हो चुका है और जो थोड़ा बहुत आता भी है, वह न के बराबर है। पूरा वार्ड पीने के पानी के लिए पूरी तरह से नल जल योजना पर ही आश्रित है, लेकिन वर्तमान में यह व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
वार्ड नंबर 4 में शासन के पिछले कार्यकाल करोड़ की लागत से बना पानी टंकी अभी तक नहीं हुआ है चालू
नगर पंचायत प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
महिलाओं ने नगर पंचायत पिथौरा के कर्मचारियों और अधिकारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस गंभीर समस्या के बारे में कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर पंचायत के कर्मचारियों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और न ही कोई ठोस कदम उठाया गया है। स्थिति इतनी बद्तर हो गई है कि वार्ड में टैंकरों के माध्यम से भी पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है, जिससे लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
समस्या का समाधान नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन
एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए महिलाओं ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी इस विकराल समस्या पर गंभीरता पूर्वक विचार कर अतिशीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे चुप नहीं बैठेंगी। पेयजल आपूर्ति बहाल न होने की स्थिति में वार्ड की सभी महिलाएं एक उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगी और नगर पंचायत पिथौरा परिसर का घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि अनु विभागीय अधिकारी (sdm) पिथौरा और मुख्य नगर पंचायत अधिकारी (CMO) पिथौरा को भी प्रेषित की गई है, ताकि सभी संबंधित विभाग इस मामले में त्वरित संज्ञान ले सकें। अब देखना यह है कि महिलाओं की इस चेतावनी के बाद प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागता है या वार्डवासियों को इसी तरह पानी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।
