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सरकारी स्कूलों से छात्र घटे
सरकारी स्कूलों से छात्र घटे
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गिरावट : सरकारी स्कूलों से हटते छात्र, निजी स्कूलों में बढ़ती भीड़ 

महासमुंद में सरकारी स्कूलों से छात्रों की संख्या लगातार घट रही है, पिछले पांच वर्षों में 29,477 छात्र कम हुए हैं। पालक और शिक्षक इसे शिक्षक कमी और गैर-शैक्षणिक कार्यों का परिणाम मान रहे हैं, जबकि निजी स्कूलों में इसी अवधि में छात्रों की संख्या बढ़ी है। मुफ्त सुविधाओं और भारी निवेश के बावजूद सरकारी स्कूलों से बच्चों का भरोसा घटना शासन और प्रशासन के लिए चिंता का विषय है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
12 Jun 2026, 04:47 PM
महासमुंद

महासमुंद जिले में सरकार हर साल शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर धनराशि खर्च कर रही है। छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्तियाँ, बालिकाओं के लिए साइकिल और स्कूल भवन जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कारणों से कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

हालांकि, जिले के सरकारी आंकड़े इस कोशिश के बावजूद बहुत ही चिंताजनक स्थिति दिखा रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में शासकीय स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार घट रही है। पालक और शिक्षक दोनों इस गिरावट का मुख्य कारण शिक्षकों की कमी और गैर-शैक्षणिक कार्यों का बढ़ता बोझ मान रहे हैं। शिक्षा विभाग इस विषय में स्पष्ट जवाब देने से बचता नजर आ रहा है।

सरकारी स्कूलों का स्वरूप

छात्र संख्या का गिरता ग्राफ

  • 2021-22: 1,70,980
  • 2022-23: 1,62,310
  • 2023-24: 1,54,809
  • 2024-25: 1,48,057
  • 2025-26: 1,41,503

पांच वर्षों में कुल 29,477 छात्रों की कमी दर्ज की गई है।

सुविधाओं और शिक्षकों की कमी

पालक कहते हैं कि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों और सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजना पड़ रहा है। इससे साफ है कि मुफ्त सुविधाओं और भारी निवेश के बावजूद, सरकारी स्कूलों की विश्वसनीयता कम हो रही है। शिक्षक भी छात्रों की घटती संख्या के पीछे अपने काम का बोझ जिम्मेदार मान रहे हैं। विभिन्न शासकीय कार्यों में व्यस्त रहने के कारण उन्हें छात्रों को पर्याप्त समय देना मुश्किल हो रहा है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। हालांकि, शिक्षा विभाग के अधिकारी अपने आंकड़ों की दोबारा जांच की बात कह रहे हैं, लेकिन कोई स्पष्ट कारण स्वीकार नहीं कर रहे।

निजी स्कूलों की बढ़ती लोकप्रियता

दिलचस्प बात यह है कि सरकारी स्कूलों में गिरावट के बावजूद जिले के निजी स्कूलों में छात्र संख्या लगातार बढ़ रही है।

  • 2023-24: 48,091
  • 2024-25: 51,835
  • 2025-26: 55,222

सिर्फ तीन वर्षों में निजी स्कूलों में 7,131 छात्रों की वृद्धि दर्ज की गई है।

प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती

मुफ्त सुविधाओं और अरबों रुपये के खर्च के बावजूद यदि छात्र सरकारी स्कूलों से निजी स्कूलों की ओर जा रहे हैं, तो यह शासन और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकारी स्कूलों से बच्चों का भरोसा क्यों कम हो रहा है और इसे कैसे वापस हासिल किया जा सकता है।

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