EOS-05 Launch: भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV-F17 रॉकेट के जरिए अत्याधुनिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-05 का सफल प्रक्षेपण किया। प्रक्षेपण के करीब 18 मिनट बाद उपग्रह को सफलतापूर्वक उप-भूतुल्यकालिक कक्षा में स्थापित कर दिया गया।
27 घंटे की निर्धारित उलटी गिनती पूरी होने के बाद 2,367 किलोग्राम पेलोड से लैस GSLV-F17 ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से सुबह 2:55 बजे उड़ान भरी। प्रक्षेपण के बाद मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने सफलता की पुष्टि की।
Another giant leap for India in Space!
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) September 3, 2026
Kudos to Team @isro on the successful launch of GSLV-F17/EOS-05.
EOS-05 is a state-of-the-art Earth Observation satellite and India’s first imaging satellite from Geosynchronous Orbit, enabling advanced imaging across visible, infrared,… pic.twitter.com/1HHJrWM7ze
पृथ्वी निगरानी में भारत की नई उड़ान
EOS-05 को पृथ्वी की निगरानी के लिए तैयार किया गया है। इससे मिलने वाली तस्वीरों और आंकड़ों का इस्तेमाल कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा सकेगा। खास तौर पर कृषि, आपदा प्रबंधन और पृथ्वी अवलोकन से जुड़ी गतिविधियों में इस उपग्रह की भूमिका अहम मानी जा रही है। इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने मिशन की सफलता पर कहा कि यह प्रक्षेपण भारत की पृथ्वी अवलोकन क्षमताओं को और मजबूत करेगा। साथ ही, इससे देश में पृथ्वी अवलोकन आधारित सेवाओं की गुणवत्ता और उपयोगिता में भी सुधार होने की उम्मीद है।
EOS-05 से तेज होगी पृथ्वी की निगरानी
EOS-05 से मिलने वाले उच्च गुणवत्ता वाले इमेजिंग डेटा के जरिए प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी, कृषि संबंधी आकलन और आपदा के समय स्थिति का तेजी से जायजा लेने में मदद मिल सकती है। इस मिशन को भारत की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमताओं की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।






