उम्र के जिस पड़ाव पर अमूमन लोग आरामकुर्सी तलाशते हैं या दूसरों के सहारे जिंदगी गुजारने लगते हैं, उस उम्र में बिहार के एक बुजुर्ग ने देश के युवाओं के सामने स्वावलंबन और जज्बे की एक नई मिसाल पेश की है।
79 साल की उम्र में भी अपनी मेहनत की कमाई खाने वाले इन दादाजी का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लाखों लोगों की आंखों को नम और दिलों को सम्मान से भर दिया है। वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार, यह बुजुर्ग हर रोज सुबह उठकर अपनी पीठ पर करीब 30 किलोग्राम बैंगन से भरी बोरी लादते हैं। इसके बाद वे गया के चाकंद से ट्रेन पकड़कर जहानाबाद के मखदुमपुर के लिए निकलते हैं, ताकि वहां मंडी या बाजार में इन बैंगनों को बेचकर सम्मान के साथ दो वक्त की रोटी कमा सकें। उनके चेहरे की झुर्रियां और कांपते पैर भले ही बढ़ती उम्र की गवाही देते हों, लेकिन उनका हौसला आज भी किसी युवा से कम नहीं है।
खुद मेहनत कर भरते है पेट
इस मर्मस्पर्शी कहानी को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमित कुमार ने अपने कैमरे में कैद किया। ट्रेन के फर्श पर सादगी से बैठे दादाजी से जब अमित ने पूछा कि 'इस उम्र में आप इतनी हाड़-तोड़ मेहनत क्यों करते हैं?', तो बुजुर्ग ने जो जवाब दिया, वह आज की पीढ़ी के लिए एक बड़ा सबक है। "किसी के आगे हाथ फैलाने या किसी पर बोझ बनने से हजार गुना बेहतर है कि इंसान जब तक शरीर में जान है, खुद मेहनत करे और अपने दम पर पेट भरे।"
लोगों ने जज्बे को किया सलाम
बुजुर्ग की इस एक बात ने यह साफ कर दिया कि स्वाभिमान से बड़ी कोई दौलत नहीं होती। इस प्रेरणादायक वीडियो को इंस्टाग्राम पर @patna4u_ नाम के हैंडल से शेयर किया गया है। देखते ही देखते यह वीडियो इंटरनेट पर छा गया और अब तक इसे 12 लाख (1.2 Million) से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं। कमेंट बॉक्स में लोग दादाजी के इस जज्बे को खड़े होकर सलाम कर रहे हैं।वीडियों सभी के लिए एक सीख
किसी यूजर ने लिखा, "संघर्ष और हौसले की कोई उम्र नहीं होती," तो किसी अन्य ने टिप्पणी की, "सम्मान के साथ जीना ही इंसान की सबसे बड़ी कामयाबी है।" यह वीडियो सिर्फ एक बुजुर्ग की कहानी नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए एक सीख है जो मुश्किलों के आगे जल्दी हार मान जाता है।