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आवारा मवेशियों से परेशान ग्रामीण
आवारा मवेशियों से परेशान ग्रामीण
सरगुजा संभाग

आवारा मवेशियों से किसान परेशान, गोठान शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

कोरबा में आवारा मवेशियों से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। सरगुजा में ग्रामीण मवेशियों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जबकि कटघोरा में किसानों ने ज्ञापन सौंपकर गोठान शुरू करने की मांग की और आंदोलन की चेतावनी दी।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 13 Aug 2026, 03:33 PM · अपडेट: 27 Sep 2026, 02:41 AM
सरगुजा
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

सड़कों और खेतों में घूम रहे आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। सरगुजा और कोरबा जिले में किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी परेशानी रखी है। सरगुजा में ग्रामीण आवारा मवेशियों को लेकर सीधे कलेक्ट्रेट पहुंच गए, जबकि कोरबा के कटघोरा क्षेत्र में ग्रामीणों ने नगर पालिका और SDM कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि आवारा मवेशियों के कारण एक तरफ फसलों को नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर हादसों का खतरा भी लगातार बना हुआ है। पहला मामला सरगुजा जिले के ग्राम भकुरा का है। यहां आवारा मवेशियों की समस्या से परेशान किसानों और ग्रामीणों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। ग्रामीण गांव और आसपास की सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को एकत्र कर सीधे कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए।

मवेशियों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण

बड़ी संख्या में मवेशियों को कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के पास देखकर वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी परेशान हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में आवारा मवेशियों की समस्या बनी हुई है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं निकलने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि कई पशुपालक अपने मवेशियों को खुला छोड़ देते हैं, जिसके कारण वे दिन-रात गांवों और मुख्य सड़कों पर घूमते रहते हैं। सड़क के बीच बैठे या अचानक सामने आ जाने वाले मवेशियों के कारण वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है। 

हादसों का बढ़ रहा खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय समस्या और गंभीर हो जाती है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि पशुपालकों की जिम्मेदारी तय करने के साथ ही बेसहारा और आवारा मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की उचित व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों ने आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि समस्या की जानकारी होने के बावजूद मवेशियों को सड़कों से हटाने और उनके लिए उचित व्यवस्था करने की दिशा में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।

ग्रामीणों ने लगाया लापरवाही का आरोप

ग्रामीणों ने प्रशासन से लापरवाही बरतने वाले पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो सड़क हादसों के साथ किसानों की परेशानी भी बढ़ती जाएगी। दूसरा मामला कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र के ग्राम जुराली का है। यहां किसान लावारिस और आवारा मवेशियों से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि दिनभर खेतों की रखवाली करने के बाद भी रात के समय मवेशियों के झुंड खेतों में घुस जाते हैं और फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। कई किसानों को रातभर खेतों की निगरानी करनी पड़ रही है।

मवेशियों से फसलों को नुकसान

ग्रामीणों का कहना है कि खेती उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है और मवेशियों से लगातार हो रहे नुकसान के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्राम जुराली के ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में मवेशियों को रखने के लिए गोठान बनाया गया है, लेकिन उसका संचालन बंद है। गोठान में तार और खंभे जैसी व्यवस्थाएं मौजूद होने के बावजूद बेसहारा पशु सड़कों और खेतों में घूम रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गोठान का नियमित संचालन किया जाए और आवारा मवेशियों को वहां रखा जाए तो किसानों की फसल बचाने के साथ सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं के खतरे को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।

SDM कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

लगातार हो रही परेशानी को लेकर ग्राम जुराली के ग्रामीण नगर पालिका कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद नगर पालिका और SDM कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर आवारा मवेशियों के लिए तत्काल व्यवस्था करने और बंद पड़े गोठान को दोबारा शुरू करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया और गोठान का संचालन शुरू नहीं हुआ तो वे आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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