फीफा वर्ल्ड कप : बेल्जियम को धूल चटाकर सेमीफाइनल में पहुंचा स्पेन, अब फ्रांस से होगी महाभिड़ंत
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। मिकेल मेरिनो के निर्णायक गोल ने स्पेन को 2010 के बाद पहली बार विश्व कप के अंतिम चार में पहुंचाया। अब स्पेन का सामना फ्रांस से होगा।
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कीर्तिमान न्यूज
11 Jul 2026, 10:00 AM
खेल डेस्क
फीफा वर्ल्ड कप 2026 से एक बेहद रोमांचक खबर सामने आ रही है। खिताबी जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही स्पेन की टीम ने बेल्जियम को एक बेहद कड़े मुकाबले में 2-1 से शिकस्त देकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। स्पेनिश टीम के प्रशंसकों के लिए यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि साल 2010 (जब स्पेन चैंपियन बना था) के बाद यह पहला मौका है जब टीम ने विश्व कप के अंतिम चार में अपनी जगह बनाई है।
अब सेमीफाइनल में स्पेन की अग्निपरीक्षा होगी, जहाँ उसका सामना पिछले वर्ल्ड कप की उपविजेता फ्रांस से होगा। लॉस एंजिल्स में खेले गए इस नॉकआउट मुकाबले की शुरुआत से ही स्पेनिश खिलाड़ियों के इरादे साफ थे। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और बेल्जियम की रक्षापंक्ति (डिफेंस) पर लगातार हमले बोलकर उन्हें बैकफुट पर धकेल दिया। मैच का पहला रोमांचक पल 30वें मिनट में आया जब स्पेन को अपनी पहली सफलता मिली।
नहीं रोक पाए रिबाउंड को
युवा सनसनी लैमिन यामल के एक जादुई रन के बाद पेड्रो पोरो ने बेल्जियम के पेनाल्टी बॉक्स में एक बेहद सटीक लो क्रॉस दिया। बेल्जियम के दिग्गज गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ ने डैनी ओल्मो के शुरुआती शॉट को तो बेहतरीन तरीके से ब्लॉक कर दिया, लेकिन वे रिबाउंड को नहीं रोक पाए। वहीं मुस्तैद खड़े फैबियन रुइज़ ने बिना कोई गलती किए गेंद को नेट के हवाले कर दिया और स्पेन को 1-0 से आगे कर दिया। हालांकि, स्पेन की यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी।
एक झटके में तोड़ा रिकॉर्डस
बेल्जियम ने जबरदस्त वापसी करते हुए ठीक 11 मिनट बाद यानी मैच के 41वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। टिमोथी कास्टेग्ने के एक शानदार क्रॉस को चार्ल्स डी केटेलेयर ने अपने दमदार हेडर के जरिए गोल पोस्ट में डाल दिया। इस एक गोल ने स्पेन के गोलकीपर उनाई साइमन के कई बड़े रिकॉर्ड्स को एक झटके में तोड़ दिया। इसी के साथ साइमन की लगातार 6 क्लीन शीट का सिलसिला टूट गया और वर्ल्ड कप में लगातार 650 मिनट तक गोल न खाने का उनका अभूतपूर्व रिकॉर्ड भी यहीं थम गया।
स्पेन सेमीफाइनल में बेल्जियम कैंप में छाई मायूसी
पहले हाफ की समाप्ति तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। दूसरे हाफ में खेल और भी आक्रामक हो गया। मैच के 71वें मिनट में बेल्जियम के कैंप में उस वक्त मायूसी छा गई, जब उनके स्टार गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ चोटिल होकर मैदान से बाहर जाने पर मजबूर हो गए। कोर्टुआ के लिए यह मुकाबला उनके फीफा वर्ल्ड कप करियर का 21वां मैच था। इसके साथ ही वह विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले गोलकीपरों की सूची में जर्मनी के मैनुअल न्यूएर (23 मैच) के बाद दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। कोर्टुआ के बाहर होने के बाद सब्स्टीट्यूट गोलकीपर सेने लैमेंस को मैदान पर उतारा गया।
संकटमोचक बने मिकेल मेरिनो
जब मैच अंतिम पलों की तरफ बढ़ रहा था और ऐसा लग रहा था कि फैसला अतिरिक्त समय (एक्स्ट्रा टाइम) में होगा, तभी मैदान पर स्पेन के 'संकटमोचक' मिकेल मेरिनो की एंट्री हुई। मैच के 86वें मिनट में कोच ने मेरिनो को सब्स्टीट्यूट के रूप में मैदान पर भेजा, और उन्होंने मैदान पर आने के ठीक दो मिनट बाद (88वें मिनट) वह कर दिखाया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी।
आखिरी मिनट में दागा गोल
पाउ क्यूबार्सी ने काफी दूर से एक जोरदार शॉट लगाया, जिसे बेल्जियम के नए गोलकीपर लैमेंस ठीक से कलेक्ट नहीं कर पाए और गेंद उनके हाथों से छिटक गई। वहीं पास खड़े मिकेल मेरिनो ने फुर्ती दिखाते हुए गेंद को गोल में बदल दिया और स्पेन को 2-1 की निर्णायक बढ़त दिला दी। यह लगातार दूसरा ऐसा मुकाबला है जहाँ मेरिनो स्पेन के लिए 'सुपर सब' साबित हुए हैं। इससे पहले प्री-क्वार्टर फाइनल में भी उन्होंने पुर्तगाल के खिलाफ आखिरी मिनटों में आकर टीम के लिए विजयी गोल दागा था। इसी रोमांचक गोल की बदौलत स्पेन ने बेल्जियम का सफर खत्म कर सेमीफाइनल में दहाड़ मार दी है।