छत्तीसगढ़ के Bijapur जिले के इटपाल क्षेत्र में 25 मई को एक निजी तेंदूपत्ता गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि वहां विभिन्न समितियों द्वारा संग्रहित बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया।
घटना के बाद किए गए शुरुआती आकलन के अनुसार लगभग 10 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई गई है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक नुकसान का आकलन अभी जारी है और भौतिक सत्यापन के बाद ही अंतिम आंकड़े सामने आएंगे।
इस भीषण अग्निकांड के बाद वन विभाग की व्यवस्था, गोदाम सुरक्षा और तेंदूपत्ता संग्रहण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सरकार की बड़ी कार्रवाई
घटना को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने तत्काल प्रभाव से बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। 2013 बैच के IFS अधिकारी एवं तत्कालीन बीजापुर डीएफओ Ramesh Kumar Jangade को पद से निलंबित कर दिया गया है। वन विभाग की ओर से जारी आदेश में उनके स्थान पर नए डीएफओ की नियुक्ति की गई है। सरकारी आदेश के अनुसार Jadhav Sagar Ramchandra को बीजापुर का नया डीएफओ बनाया गया है। प्रशासनिक स्तर पर इस निर्णय को तेज और सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
कौन हैं रमेश जांगड़े?
Ramesh Kumar Jangade 2013 बैच के भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी हैं। बीजापुर में तैनाती के दौरान वे तेंदूपत्ता प्रबंधन और वन विभाग की गतिविधियों को लेकर पहले भी चर्चा में रहे हैं। आगजनी की घटना के बाद अब उनकी कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सख्त रुख अपनाया गया है।
तेंदूपत्ता गोदाम में लगी यह भीषण आग न केवल आर्थिक नुकसान का कारण बनी है, बल्कि वन विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल छोड़ गई है। सरकार की त्वरित कार्रवाई के बाद अब पूरे मामले की विस्तृत जांच और अंतिम नुकसान आकलन पर नजरें टिकी हैं।
