आग का तांडव : चिंगारी से धधकी पैरा लदी ट्रॉली, समय रहते टला बड़ा हादसा
नगर पंचायत शिवनंदनपुर के मिलन चौक में रविवार को पैरा (पुआल) से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि ओवरलोड पुआल सड़क किनारे झूल रहे बिजली तारों के संपर्क में आ गया, जिससे निकली चिंगारी ने आग पकड़ ली।
नगर पंचायत शिवनंदनपुर के मिलन चौक में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पैरा (पुआल) से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में अचानक आग लग गई। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। आग लगने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली में क्षमता से अधिक पैरा लादकर परिवहन किया जा रहा था। मिलन चौक के पास पहुंचते ही ट्रॉली में ऊपर तक भरा पुआल सड़क किनारे लटक रहे बिजली के तारों के संपर्क में आ गया। तारों से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते सूखे पैरा को अपनी चपेट में ले लिया और आग तेजी से फैलने लगी।
ग्रामीणों ने दिखाया साहस
आग लगते ही आसपास मौजूद ग्रामीण और राहगीर तुरंत सक्रिय हो गए। लोगों ने पानी, मिट्टी और अन्य उपलब्ध संसाधनों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत और सामूहिक प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया गया। ग्रामीणों की तत्परता के कारण आग आसपास की दुकानों और मकानों तक नहीं पहुंच सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया जाता तो यह बड़ा हादसा बन सकता था। मिलन चौक क्षेत्र में हमेशा लोगों की आवाजाही बनी रहती है और आसपास कई दुकानें भी स्थित हैं। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और न ही कोई व्यक्ति घायल हुआ।
झूलते बिजली तारों और ओवरलोडिंग पर उठे सवाल
घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने सड़क पर झूल रहे बिजली तारों को दुर्घटना का प्रमुख कारण बताया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से तार नीचे लटके हुए हैं, जिससे कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। वहीं ट्रैक्टर-ट्रॉली में क्षमता से अधिक पैरा लोड किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से तारों की ऊंचाई सुधारने तथा ओवरलोड परिवहन पर सख्ती से कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रशासनिक सतर्कता की जरूरत
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर किया है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि झूलते बिजली तारों की समय पर मरम्मत की जाए और ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी निगरानी रखी जाए तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।