प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह फ्रांस और स्लोवाकिया की छह दिवसीय अहम यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस विदेश दौरे के दौरान पीएम मोदी वैश्विक मंच पर भारत का पक्ष रखेंगे और जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। दिल्ली से रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कहा कि भारत के लिए फ्रांस एक बेहद भरोसेमंद और खास रणनीतिक साझेदार है। वहीं स्लोवाकिया की उनकी यह यात्रा दोनों देशों के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने जा रही है।
आजादी के बाद स्लोवाकिया जाने वाले पहले भारतीय पीएम
तय कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 और 15 जून को स्लोवाकिया के सरकारी दौरे पर रहेंगे। साल 1993 में स्लोवाकिया के एक स्वतंत्र देश बनने के बाद यह पहला मौका है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री वहां के दौरे पर जा रहा है। स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में पीएम मोदी वहां के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। आसान शब्दों में कहें तो द्विपक्षीय वार्ता का मतलब दो देशों के बीच आपसी व्यापार, सुरक्षा और दोस्ती को बढ़ाने के लिए होने वाली खास बैठक है। इस दौरे से भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते यानी बिना किसी भारी टैक्स के व्यापार करने की योजना को भी मजबूती मिलेगी।
फ्रांस में राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात और स्टार्टअप्स को बढ़ावा
स्लोवाकिया का दौरा पूरा करने के बाद पीएम मोदी फ्रांस के लिए वापस लौटेंगे। फ्रांस के नीस शहर में वे राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ फरवरी के बाद दोनों देशों के बीच हुए समझौतों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही वे 'भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष' के तहत आयोजित होने वाले एक बड़े कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम भारत के नए और उभरते हुए बिजनेस यानी स्टार्टअप्स को दुनिया के बड़े निवेशकों से जोड़ने का काम करेगा, जिससे देश में रोजगार और नई तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा।जी7 समिट में शामिल होगा भारत, 18 जून को पूरी होगी यात्रा
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी 16 और 17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित होने वाले जी7 समिट में हिस्सा लेंगे। यह लगातार आठवां मौका है जब भारत को इस शक्तिशाली समूह की बैठक में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि इस मंच पर भारत न सिर्फ अपनी बात रखेगा, बल्कि 'ग्लोबल साउथ' यानी दुनिया के विकासशील और कम आय वाले देशों की जरूरतों और उम्मीदों को भी दुनिया के सामने मजबूती से उठाएगा। अपनी यात्रा के आखिरी दिन यानी 18 जून को पीएम मोदी पेरिस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ एक बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट 'विवाटेक 2026' में शामिल होंगे और फिर स्वदेश वापस लौटेंगे।
