प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के खूबसूरत शहर नीस (Nice) में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से एक बेहद महत्वपूर्ण मुलाकात की। दोनों वैश्विक नेताओं ने यहाँ आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ (Bharat Innovates) कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। इस मंच के जरिए दोनों देशों ने नवाचार (Innovation) और तकनीक के क्षेत्र में अपने सहयोग को एक नई ऐतिहासिक ऊंचाई दी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत और फ्रांस के बीच के गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में केवल औपचारिक रणनीतिक साझेदारी नहीं है, बल्कि इसमें 'कनेक्शन भी है और कन्विक्शन भी, इनोवेशन भी है और इंस्पिरेशन भी'। यही कारण है कि दोनों देश लगातार रक्षा और अंतरिक्ष से आगे बढ़कर अब डीप-टेक और एआई जैसे नए क्षेत्रों में कदम बढ़ा रहे हैं।
क्यों खास है यह मुलाकात और 'भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर'?
वैश्विक संदर्भ और ताजा अपडेट: > हाल के दिनों में भारत और फ्रांस के बीच डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर कई बड़े समझौते हुए हैं। इसी कड़ी में इस वर्ष को 'भारत-फ्रांस इनोवेशन ऑफ द ईयर' के रूप में मनाया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 'भारत इनोवेट्स' जैसा मंच भारतीय प्रतिभाओं (Talent Pool) और यूरोपीय पूंजी (European Capital) के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहा है। इससे भारतीय युवाओं को यूरोप की विशेषज्ञता, फंडिंग और वैश्विक नेटवर्क का सीधा लाभ मिल रहा है, जो भारत के सेमीकंडक्टर और क्लीन-टेक मिशन को गति देगा।
स्टार्टअप क्रांति और बदलता 21वीं सदी का भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में मौजूद भारतीय और फ्रांसीसी युवा उद्यमियों की ऊर्जा की सराहना की। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का भारत एक अभूतपूर्व बदलाव के दौर से गुजर रहा है:
समाधान प्रदाता भारत: पीएम मोदी ने स्पष्ट किया, "आज का भारत केवल तकनीकी समाधान खरीदने वाला देश नहीं रहा, बल्कि दुनिया को समाधान देने वाला (Technology Provider) देश बनकर उभर रहा है।"
सस्ते और बड़े पैमाने पर नवाचार: भारत के पास बहुत तेजी से और बड़े पैमाने पर (Scalability) नवाचार करने की क्षमता है।
जमीनी स्तर पर बदलाव: भारतीय युवा स्टार्टअप्स आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से ग्रामीण भारत की जिंदगी बदल रहे हैं और सैटेलाइट तकनीक के जरिए किसानों को मौसम व फसल की सटीक जानकारी दे रहे हैं।
AI विजन पर दिया बड़ा संदेश
डिजिटल क्रांति पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे UPI और ओएनडीसी) की सफलता को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत तकनीक को केवल व्यापार का जरिया नहीं मानता, बल्कि इसे मानव कल्याण का माध्यम मानता है।
“AI for All” (सबके लिए एआई): पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत का एआई विजन पूरी तरह से समावेशी है। इसका उद्देश्य किसी खास वर्ग को फायदा पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति का कल्याण और उसकी खुशहाली सुनिश्चित करना है। भारत की प्राथमिकता ऐसी टिकाऊ तकनीक (Sustainable Technology) विकसित करना है जो पूरी मानवता के हित में हो।
राष्ट्रपति मैक्रों का जताया आभार
प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में मैक्रों की व्यक्तिगत मौजूदगी यह दर्शाती है कि फ्रांस भारत के साथ अपने इस तकनीकी और रणनीतिक रिश्ते को कितनी गंभीरता से लेता है। यह साझेदारी आने वाले समय में वैश्विक नवाचार की दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित होगी।
