सुभांशु की असमय मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। यह परिवार के लिए दूसरा बड़ा आघात है, क्योंकि चार साल पहले ही उसके पिता का निधन हो गया था। पिता के जाने के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी सुभांशु के कंधों पर आ गई थी। उसने कठिन परिस्थितियों में नौकरी कर परिवार को संभालने का प्रयास किया, लेकिन अब उसकी मौत से परिजनों की दुनिया ही उजड़ गई है।
घर का इकलौता सहारा छिन गया
घर का इकलौता सहारा छिन गया सुभांशु घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसकी अचानक मौत से परिवार पर आर्थिक और मानसिक दोनों तरह का संकट आ गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बेटे के सहारे परिवार भविष्य के सपने देख रहा था, उसी के अचानक चले जाने से घर में मातम पसरा हुआ है। रिश्तेदार और आसपास के लोग भी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
अनुकंपा नियुक्ति के तहत SECL में नौकरी मिली थी
पिता के निधन के बाद मिली थी अनुकंपा नियुक्ति पिता की मृत्यु के बाद सुभांशु को अनुकंपा नियुक्ति के तहत मिली थी। वह पिछले करीब ढाई वर्षों से SECL के कोरबा क्षेत्र स्थित सेंट्रल वर्कशॉप में कार्यरत था। अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाते हुए वह परिवार की आर्थिक जरूरतों का सहारा बना हुआ था। उसकी आय से ही घर का खर्च चलता था और परिवार को भविष्य की उम्मीदें भी उसी से थीं।
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य जुटाने के साथ प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों से भी पूछताछ की, ताकि घटना के हर पहलू की सही जानकारी मिल सके। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की गई और पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया।