Gold Silver Price Today: घरेलू वायदा बाजार में 27 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना ₹637 महंगा होकर ₹1,60,300 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमत ₹1,668 बढ़कर ₹2,41,306 प्रति किलोग्राम हो गई। पिछले कारोबारी सत्र में सोने के भाव में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी, लेकिन अब इसमें एक बार फिर मजबूती दिखाई दे रही है।
सोने की कीमतों में क्यों आ रही तेजी
दुनियाभर में आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई, डॉलर की चाल और अमेरिका के बढ़ते सरकारी कर्ज के कारण सोने की मांग मजबूत बनी हुई है। संकट या अनिश्चितता के समय निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं। इसके अलावा होर्मुज क्षेत्र से जुड़े घटनाक्रम और वैश्विक तनाव पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। यही कारण हैं कि गिरावट आने के बाद भी सोने की कीमत में दोबारा तेजी देखने को मिल रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बढ़े भाव
घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं के भाव बढ़े हैं। सोना 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,686 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी 1.67 प्रतिशत चढ़कर लगभग 69 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। विदेशी बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में होने वाले बदलाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है।चांदी ने दिया जोरदार रिटर्न
पिछले कुछ वर्षों में चांदी ने निवेशकों को सोने से भी तेज रिटर्न दिया है। वर्ष 2023-24 में चांदी की कीमत करीब ₹78,600 प्रति किलोग्राम थी, जो अगस्त 2026 में बढ़कर ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई। फिलहाल MCX पर चांदी ₹2,41,306 प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही है। आभूषणों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य उद्योगों में बढ़ती मांग से भी चांदी की कीमत को समर्थन मिल रहा है।
सोना 5,000 डॉलर के पार जाने का अनुमान
कुछ बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि सोने की कीमत इस साल 5,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार कर सकती है। सोने ने पिछले वर्ष भी शानदार प्रदर्शन किया था और इसके भाव में 75 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। हालांकि, सोने की आगे की कीमत वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, केंद्रीय बैंकों की खरीद, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगी।फेड के फैसले से तय होगी आगे की चाल
सोने की आगे की दिशा काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े फैसलों पर निर्भर करेगी। अमेरिका में महंगाई लगातार फेड के 2 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। ऐसे में बाजार की नजर फेड चेयरमैन के बयान और आगामी आर्थिक आंकड़ों पर है। ब्याज दरों में कटौती या डॉलर में कमजोरी के संकेत मिलते हैं तो सोने की मांग और कीमत दोनों में बढ़ोतरी हो सकती है।