मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठ गया है। लंबे समय से चल रही सीजफायर (युद्धविराम) की कोशिशों को तब सबसे बड़ा झटका लगा, जब रविवार की देर रात ईरान और लेबनान ने मिलकर इजरायल पर चौतरफा मिसाइल और ड्रोन हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच भी तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है।
आसमान में कड़कड़ाया डिफेंस सिस्टम
मिडिल ईस्ट में शांति समझौते के लिए चल रही बातचीत के बीच, ईरान ने रविवार रात अचानक इजरायल की तरफ 4 घातक बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं।
दहशत का माहौल: ईरान की तरफ से मिसाइलें दागे जाने के बाद मध्य इजरायल का आसमान रोशनी और धमाकों से गूंज उठा।
एक्टिव हुआ 'एरो' और 'आयरन डोम': इजराइली सेना (IDF) के अधिकारियों के मुताबिक, उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते ईरान से आ रही मिसाइलों की पहचान की और उन्हें हवा में ही इंटरसेप्ट (ध्वस्त) कर दिया।
लेबनान ने भी खोला मोर्चा: ईरान के साथ-साथ लेबनान की तरफ से भी इजरायल पर ताबड़तोड़ ड्रोन और मिसाइलें दागी गईं, जिससे इजरायल के कई इलाकों में रेड अलर्ट के सायरन बजने लगे।
एयरफील्ड बंद, ईरान में घुसी इजरायली वायुसेना
ईरान को इस हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। इजरायल ने बिना वक्त गंवाए बेहद आक्रामक पलटवार शुरू कर दिया है।
सैन्य ठिकानों पर बमबारी: इजरायली सेना के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उनकी वायुसेना (IAF) ने पश्चिम और मध्य ईरान में स्थित कई संवेदनशील सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।
ईरान ने बंद किया हवाई क्षेत्र: इजरायल के इस प्रचंड पलटवार से बौखलाए ईरान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने प्रमुख एयरफील्ड्स और हवाई क्षेत्र (Airspace) को पूरी तरह बंद कर दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप की अपील खारिज, नेतन्याहू आर-पार के मूड में
इस हमले के बाद वैश्विक कूटनीति में भी हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुरंत इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की।
"ट्रंप ने नेतन्याहू से अपील की थी कि वे ईरान के इस मिसाइल अटैक का तुरंत जवाब न दें और सीजफायर की कोशिशों को एक मौका दें। हालांकि, इजरायल ने अमेरिका की इस सलाह को दरकिनार करते हुए ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है।"
सीजफायर की कोशिशों को लगा 'डेथ ब्लो'
यह हमला उस वक्त हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ दोनों गुटों को युद्धविराम के लिए मनाने की आखिरी कोशिशों में जुटे थे।
| स्थिति | पहले (शांति वार्ता) | अब (मौजूदा हालात) |
| डिप्लोमेसी | सीजफायर समझौते पर चर्चा जारी थी। | बातचीत पूरी तरह ठप, युद्ध का नया चरण शुरू। |
| सैन्य गतिविधि | सीमा पर छिटपुट तनाव था। | ईरान, लेबनान और इजरायल के बीच सीधी जंग। |
| ग्लोबल इम्पैक्ट | अमेरिका शांति बहाल करने की कोशिश में था। | अमेरिका और ईरान के सीधे टकराव की आशंका बढ़ी। |
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की अपील ठुकरा कर इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा। यदि ईरान ने इजरायल के इस ताजा पलटवार का जवाब दिया, तो यह सीधे तौर पर एक क्षेत्रीय महायुद्ध (Regional War) में बदल सकता है, जिसमें अमेरिका का कूदना तय माना जा रहा है। फिलहाल पूरे मिडिल ईस्ट में हाई-अलर्ट है और स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।
