छत्तीसगढ़ में इन दिनों तेज और असहनीय गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। तापमान में गिरावट न आने और उमस बढ़ने के कारण आम जनजीवन के साथ-साथ बच्चों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है। दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे अभिभावकों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। प्रदेश के सभी स्कूल पहले 16 जून से खुलने वाले थे। हालांकि इस साल गर्मी की तीव्रता को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश 25 अप्रैल से 15 जून तक निर्धारित किया गया था। अब जून का आधा महीना बीत जाने के बावजूद मौसम में खास सुधार नहीं दिख रहा है, जिससे स्कूल खुलने की तारीख को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्थिति पर स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सरकार अभी एक-दो दिन और मौसम की स्थिति पर नजर रखेगी। उन्होंने कहा कि यदि गर्मी और उमस में सुधार नहीं हुआ, तो 16 जून से स्कूल खोलने की तारीख आगे बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर विभागीय सचिव के साथ चर्चा हो चुकी है और जल्द ही निर्णय संभव है।
सरकार की प्राथमिकता
सरकार का कहना है कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कारण मौसम की स्थिति का आकलन करके ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि हालात नहीं सुधरे, तो स्कूलों की छुट्टियों में और विस्तार संभव है।छत्तीसगढ़ में इस साल भीषण गर्मी ने लोगों की सांसें रोक दी हैं। दिन के समय तापमान और उमस का स्तर इतना बढ़ गया है कि बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का बयान
मानसून और गर्मी का असंतुलन
केरल में मानसून की शुरुआत के बाद छत्तीसगढ़ में भी आंधी और बरसात की कुछ घटनाएँ हुई हैं। लेकिन इसके बावजूद तापमान में सुधार नहीं आया है। उमस और गर्मी के बीच बच्चों को स्कूल भेजना माता-पिता के लिए चिंता का विषय बन गया है शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा सरकार के लिए सबसे अहम है। मौसम की स्थिति और स्वास्थ्य जोखिमों को ध्यान में रखते हुए ही स्कूल खोलने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
गर्मी ने बढ़ाई परेशानी
छत्तीसगढ़ में इस समय भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। दिन के समय तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान के कारण जनजीवन प्रभावित है। खासकर छोटे बच्चों के लिए यह मौसम काफी कठिन साबित हो रहा है। राज्य के स्कूल पहले 16 जून से खुलने वाले थे, लेकिन मौसम की स्थिति को देखते हुए अब इस तारीख पर संशय बना हुआ है। ग्रीष्मकालीन अवकाश 25 अप्रैल से 15 जून तक निर्धारित था, लेकिन गर्मी के लगातार बने रहने से स्कूल खुलने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है
