Panna Rain: एक बार फिर मानसून की धुआंधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश के पूर्वी और बुंदेलखंड हिस्से में अनवरत हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कई जिलों में नदी-नाले रौद्र रूप में उफान पर हैं तो बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण उनके गेट खोलने पड़े हैं। स्थिति यह है कि पन्ना में जहां पूरा का पूरा गांव टापू बन गया है और SDRF की टीमें रेस्क्यू के लिए मैदान में हैं वहीं सतना में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और थाना परिसर तक जलमग्न हो चुका है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
अगले 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट
संजय पाटीदार, भोपाल। प्रदेश में मानसून का सबसे ज्यादा असर पूर्वी और मध्य हिस्से में देखा जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। शनिवार को रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं राजधानी भोपाल में हल्की से माध्यम रिमझिम का दौर जारी है, जिससे कलियासोत, कोलार और भदभदा डेम का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। लगातार बारिश के बाद धरमपुर नाला भी उफान पर आ गया। पुल के करीब 2 फीट ऊपर से पानी बहने के कारण पन्ना-पहाड़ीखेड़ा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।
चारों तरफ पानी से घिरा उमरी गांव
सबसे चिंताजनक स्थिति पहाड़ीखेड़ा क्षेत्र के उमरी गांव की बताई जा रही है। भारी बारिश के बाद गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया है और यहां टापू जैसे हालात बन गए हैं। गांव में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारी तेज कर दी है। उमरी गांव में बिगड़े हालात को देखते हुए पन्ना जिला मुख्यालय से SDRF और राहत-बचाव दल को रवाना किया गया है। टीम का मुख्य उद्देश्य पानी से घिरे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत उपलब्ध कराना है।
भारी बारिश से बांधों में तेजी से बढ़ रही पानी की आवक
खजुराहो और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण बांधों में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। एमपी-यूपी बॉर्डर पर स्थित चौधरी चरण सिंह लहचूरा डैम और देवरी डैम में भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बढ़ते जल दबाव को देखते हुए प्रशासन और बांध प्रबंधन ने पानी की निकासी शुरू कर दी है। छतरपुर जिले के हरपालपुर स्थित लहचूरा बांध के 17 में से 9 गेट खोल दिए गए हैं। इन गेटों के जरिए धसान नदी में करीब 1,17,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद धसान नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।नदी किनारे बसे गांवों में हाई अलर्ट
धसान नदी में पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया है। ग्रामीणों के साथ चरवाहों और मछुआरों को भी नदी के आसपास नहीं जाने की हिदायत दी गई है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाने की अपील की है।
लगातार बारिश से बांध पर बढ़ा पानी का दबाव
टीकमगढ़ जिले में रुक-रुककर हो रही तेज बारिश के कारण बानसुजारा बांध में पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। बांध में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रबंधन ने पानी की निकासी शुरू कर दी है, ताकि बांध की स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके। बानसुजारा बांध के 8 गेट खोल दिए गए हैं। गेट खोले जाने के बाद बांध के निचले हिस्से में बहने वाली धसान नदी में पानी का प्रवाह अचानक बढ़ गया है। इससे नदी के जलस्तर में करीब 4 से 5 फीट तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।







