युवती के हंगामे से लगा लंबा जाम
कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि युवती कार के बिल्कुल सामने जाकर खड़ी हो गई और वाहन को आगे नहीं बढ़ने दिया। दोनों ओर लगी वाहनों की लंबी कतार मुख्य मार्ग पर कार के रुकने और युवती के सामने खड़े रहने के कारण कुछ ही मिनटों में यातायात व्यवस्था बिगड़ गई। सड़क के दोनों ओर कारों, दोपहिया वाहनों और अन्य गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। व्यस्त मार्ग होने के कारण जाम लगातार बढ़ता चला गया और लोगों को काफी देर तक वहीं फंसे रहना पड़ा। कई वाहन चालकों ने वैकल्पिक रास्तों से निकलने की कोशिश की, लेकिन आसपास की सड़कों पर भी यातायात का दबाव बढ़ गया। राहगीरों और दुकानदारों ने समझाने का किया प्रयास सड़क पर बढ़ते जाम को देखते हुए आसपास के दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों ने युवती को शांत कराने का प्रयास किया।
एक घंटे तक जाम में फंसे लोग
लोगों ने उससे कार के सामने से हटने और यातायात सामान्य होने देने की अपील की, लेकिन काफी देर तक समझाने का कोई असर नहीं हुआ। युवती अपनी बात पर अड़ी रही और कार चालक के खिलाफ नाराजगी जताती रही। इस दौरान घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई और कई लोग पूरे घटनाक्रम को देखते रहे। करीब एक घंटे तक परेशान होते रहे राहगीर बताया जा रहा है कि हंगामे और रास्ता अवरुद्ध होने के कारण लगभग एक घंटे तक वाहन चालकों तथा राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जरूरी काम से जा रहे लोगों को भी लंबे समय तक जाम खुलने का इंतजार करना पड़ा।
पुलिस ने शांत कराया विवाद
घटना का वीडियो भी मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया मामला काफी देर तक चले विवाद की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवती तथा कार चालक से बातचीत की। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह दोनों पक्षों को शांत कराया और युवती को सड़क से हटाया। इसके बाद कार को आगे रवाना किया गया और धीरे-धीरे यातायात व्यवस्था सामान्य हुई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद सड़क पर जमा भीड़ भी हटने लगी और वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सकी।महिला पुलिस की कमी पर सवाल
महिला पुलिसकर्मी की तैनाती को लेकर उठे सवाल गढ़ा थाने के सामने हुए इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय लोगों ने पुलिस की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि यदि शुरुआत में ही किसी महिला पुलिसकर्मी को मौके पर भेज दिया जाता, तो युवती को बेहतर तरीके से समझाकर विवाद जल्द समाप्त कराया जा सकता था। लोगों ने कहा कि समय रहते कार्रवाई होने पर राहगीरों को लगभग एक घंटे तक जाम में फंसे रहने की नौबत नहीं आती। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

