हाईटेक क्रांति : वैज्ञानिक जांच से तेज होगा न्याय, गरियाबंद पुलिस को मिली मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट
छत्तीसगढ़ सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत राज्य फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL), रायपुर द्वारा गरियाबंद पुलिस को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक साइंस वैन प्रदान की गई। 25 मई 2026 को जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह हाईटेक “लैब ऑन व्हील्स” फिंगरप्रिंट, डिजिटल डेटा, जैविक साक्ष्य, बैलिस्टिक और विस्फोटक जांच जैसी सुविधाओं से लैस है। वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच, साक्ष्यों का सुरक्षित संग्रह और त्वरित विश्लेषण संभव होगा। इससे अपराध जांच अधिक सटीक, पारदर्शी और तेज बनेगी तथा न्यायालय में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी।
कीर्तिमान डेस्क
24 May 2026, 11:12 AM
📍 गरियाबंद
छत्तीसगढ़ सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत संचालित राज्य फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL), रायपुर ने अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी कड़ी में गरियाबंद पुलिस को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक साइंस वैन प्रदान की गई है, जो अब घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच करने में सक्षम होगी।
रविवार 25 मई 2026 को नगर पालिका अध्यक्ष रिखीराम यादव, नगर पालिका उपाध्यक्ष लालिमा ठाकुर, कलेक्टर बी.एस. उइके एवं पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर की मौजूदगी में इस हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक उपकरणों से पूरी तरह लैस है। इसे “लैब ऑन व्हील्स” की तर्ज पर तैयार किया गया है, ताकि घटनास्थल पर तुरंत जांच कर साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा सके। इस पहल से हत्या, यौन अपराध, साइबर अपराध, विस्फोटक मामलों और अन्य गंभीर अपराधों की जांच अधिक सटीक, तेज और प्रभावी होगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इससे जांच की पारदर्शिता बढ़ेगी और अदालतों में मजबूत साक्ष्य पेश किए जा सकेंगे।
सुरक्षा एवं प्रारंभिक जांच किट से सुरक्षित रहेगा घटनास्थल
मोबाइल फॉरेंसिक वैन में सुरक्षा एवं प्रारंभिक जांच के लिए विशेष किट उपलब्ध कराई गई है। इसमें स्थल सुरक्षा किट शामिल है, जो घटनास्थल को बाहरी हस्तक्षेप से सुरक्षित रखती है और अहम साक्ष्यों को नष्ट होने से बचाती है। इसके अलावा सामान्य जांच किट, निरीक्षण एवं स्केचिंग सामग्री, भीड़ नियंत्रण प्रणाली और निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जनरेटर भी लगाया गया है। इससे जांच टीम किसी भी परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई कर सकेगी। फॉरेंसिक साक्ष्य संग्रह किट इस वैन की सबसे महत्वपूर्ण सुविधाओं में शामिल है। इसमें यौन अपराधों से जुड़े मामलों में जैविक साक्ष्यों की पहचान और संग्रह के लिए विशेष ब्लड, सीमेन और DNA किट उपलब्ध है। छिपे हुए रक्त धब्बों, फाइबर और अन्य सूक्ष्म साक्ष्यों की खोज के लिए हाई-इंटेंसिटी लाइट सोर्स लगाया गया है। वहीं रिसर्च स्टीरियो माइक्रोस्कोप और मिनी रेफ्रिजरेटर जैविक नमूनों को सुरक्षित रखने में मदद करेंगे।
फिंगरप्रिंट और टायर मार्किंग से अपराधियों तक पहुंचेगी पुलिस
वैन में फिंगरप्रिंट डेवलप एवं लिफ्ट किट दी गई है, जिससे घटनास्थल पर मिले फिंगरप्रिंट्स को तुरंत विकसित और सुरक्षित किया जा सकेगा। इसके साथ फुटप्रिंट एवं टायर मार्किंग किट, आधुनिक वेइंग बैलेंस और नारकोटिक्स एवं विस्फोटक जांच उपकरण भी मौजूद हैं। इससे नशा और विस्फोटक मामलों की जांच में तेजी आएगी। फायरिंग और गोलीबारी से जुड़े मामलों की वैज्ञानिक जांच के लिए वैन में GPS आधारित बुलेट होल किट लगाई गई है। इससे गोली के प्रवेश और निकास बिंदुओं का सटीक विश्लेषण किया जा सकेगा।
साथ ही आगजनी और विस्फोटक पदार्थों की तत्काल पहचान के लिए गैस डिटेक्शन युक्त विशेष जांच किट भी उपलब्ध कराई गई है। इससे संवेदनशील मामलों में मौके पर ही प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार हो सकेगी। तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए मोबाइल फॉरेंसिक वैन में डिजिटल फॉरेंसिक किट भी शामिल की गई है। इसमें फॉरेंसिक इमेजर, ऑन-साइट डिजिटल विश्लेषण टूल्स और मोबाइल डेटा एक्सट्रैक्शन किट उपलब्ध है। इन उपकरणों की मदद से मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइसेस से सुरक्षित तरीके से डेटा निकाला जा सकेगा, जिससे साइबर अपराधों की जांच अधिक प्रभावी बनेगी।
DSLR कैमरा और बॉडी वॉर्न कैमरा से बढ़ेगी पारदर्शिता
दस्तावेजीकरण एवं ट्रैकिंग सिस्टम के तहत वैन में उच्च गुणवत्ता वाला DSLR कैमरा, लैपटॉप, थर्मल प्रिंटर, बारकोड स्कैनर और बॉडी वॉर्न कैमरा लगाया गया है। इन उपकरणों से घटनास्थल की रिकॉर्डिंग, साक्ष्यों की पहचान और “चेन ऑफ कस्टडी” को सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन घटनास्थल पर त्वरित वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करेगी। मौके पर ही साक्ष्यों का सुरक्षित संग्रह और विश्लेषण होने से जांच में लगने वाला समय कम होगा। डिजिटल ऑन-साइट विश्लेषण और मल्टी-डिसिप्लिनरी सपोर्ट के जरिए अदालतों में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकेंगे, जिससे अपराधियों को सजा दिलाने और निर्दोषों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। “घटनास्थल से न्याय तक” के संकल्प के साथ गरियाबंद पुलिस और फॉरेंसिक टीम अब और अधिक तकनीकी रूप से सक्षम हो गई है। आधुनिक संसाधनों से लैस यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन जिले में अपराध जांच व्यवस्था को नई दिशा देने वाली साबित होगी।