Tuesday, 20 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
CG News: पिता ने छह माह की बच्ची को जमीन पर पटका, ICU में इलाज जारी Raigarh Robbery Case: घरघोड़ा क्षेत्र में दो अलग-अलग वारदातें, ट्रेलर ड्राइवर को पीटकर नकदी लूटी, युवक का आईफोन छीना JD Steel Plant accident: 1500 डिग्री खौलता पिघला लोहा गिरने से ठेकेदार की मौत, सामने आया रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो CJP Leaders: सौरभ दास और आशुतोष रांका की हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ी Jama Masjid Metro Station: संदिग्ध यात्री की बैग जांच के बाद भागने की कोशिश Tiger Shroff Car Firing: कोटा से दबोचे गए 3 बदमाश, विदेश भागने का दिया गया था लालच CG News: पिता ने छह माह की बच्ची को जमीन पर पटका, ICU में इलाज जारी Raigarh Robbery Case: घरघोड़ा क्षेत्र में दो अलग-अलग वारदातें, ट्रेलर ड्राइवर को पीटकर नकदी लूटी, युवक का आईफोन छीना JD Steel Plant accident: 1500 डिग्री खौलता पिघला लोहा गिरने से ठेकेदार की मौत, सामने आया रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो CJP Leaders: सौरभ दास और आशुतोष रांका की हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ी Jama Masjid Metro Station: संदिग्ध यात्री की बैग जांच के बाद भागने की कोशिश Tiger Shroff Car Firing: कोटा से दबोचे गए 3 बदमाश, विदेश भागने का दिया गया था लालच
W 𝕏 f
होम › अर्थव्यवस्था › India New Zealand FTA 2026: अब कीवी देश में सस्ते…
Duty-free market in New Zealand
Duty-free market in New Zealand
अर्थव्यवस्था Featured

India New Zealand FTA 2026: अब कीवी देश में सस्ते होंगे भारतीय उत्पाद, निर्यातकों व पेशेवरों के लिए खुले नए राह

India New Zealand FTA 2026: भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर 2026 से लागू हो गया है। इसके तहत भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जिससे निर्यात और कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। समझौते में निवेश, सेवाओं और भारतीय पेशेवरों के लिए अवसरों से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। दोनों देशों का लक्ष्य वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर करना है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 20 Oct 2026, 10:59 AM · 3 मिनट पढ़ने का समय
न्यूजीलैंड
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
India New Zealand FTA 2026: द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए मंगलवार से ऐतिहासिक मुक्‍त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement - FTA) आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। इस समझौते के अमल में आते ही न्यूजीलैंड के बाजारों में भारतीय निर्मित सामानों की पहुंच आसान और सस्ती हो जाएगी, क्योंकि न्यूजीलैंड सरकार ने कई प्रमुख भारतीय उत्पादों पर से सीमा शुल्क (आयात शुल्क) को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इस रणनीतिक कदम से न केवल दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है, बल्कि भारतीय निर्यातकों के लिए न्यूजीलैंड में संभावनाओं का एक विशाल दायरा भी खुल गया है।

कंपनियों से आगे: पेशेवरों और युवाओं को भी सीधा लाभ 

यह ऐतिहासिक समझौता सिर्फ बड़ी कंपनियों और आयात-निर्यात से जुड़े कारोबारियों तक सीमित नहीं है। इसमें भारतीय पेशेवरों, कुशल कारीगरों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी न्यूजीलैंड में कामकाज और नए अवसरों से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर और रोजगार की संभावनाएं तलाश रहे भारतीयों के लिए यह एक बेहद राहत भरी खबर मानी जा रही है।

10% इम्पोर्ट ड्यूटी खत्म: ड्यूटी-फ्री मार्केट एक्सेस की शुरुआत 

अब तक न्यूजीलैंड के बाजार में भारतीय सामान बेचने पर भारतीय व्यापारियों को औसतन 10 प्रतिशत तक इम्पोर्ट ड्यूटी का भुगतान करना पड़ता था। इससे भारतीय उत्पाद स्थानीय बाजार में महंगे हो जाते थे और प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाते थे। नए प्रावधानों के तहत अब न्यूजीलैंड में 'मेड इन इंडिया' उत्पादों को 'ड्यूटी-फ्री मार्केट एक्सेस' मिलेगा। यानी भारत में तैयार होने वाले अधिकतर सामान अब बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के न्यूजीलैंड के बाजारों में सीधे प्रवेश कर सकेंगे।

किन उत्पादों पर हटी ड्यूटी और किन्हें रखा गया बाहर?

न्यूजीलैंड की ओर से जिन भारतीय उत्पादों पर सीमा शुल्क पूरी तरह माफ किया गया है, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • कपड़े और गारमेंट्स

  • जूते और लेदर (चमड़े) के उत्पाद

  • भारतीय दवाइयां (फार्मास्युटिकल्स)

  • इंजीनियरिंग गुड्स और मशीनरी पार्ट

संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षा: स्थानीय कृषि और पशुपालन हितों का संतुलन बनाए रखने के लिए दोनों देशों ने कुछ बेहद संवेदनशील क्षेत्रों को इस समझौते के दायरे से बाहर रखा है। इनमें डेयरी उत्पाद, प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम, कृत्रिम शहद और चीनी शामिल हैं। इन पर पूर्ववत व्यवस्था लागू रहेगी।

व्यापार में आएगी तेजी: 2030 तक 35,000 करोड़ का लक्ष्य 

पिछले कुछ समय से औपचारिक समझौते के अभाव में भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार में करीब 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे कुल कारोबार घटकर 1.15 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया था। इस नए करार के माध्यम से दोनों सरकारों का लक्ष्य वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। जानकारों का मानना है कि न्यूजीलैंड द्वारा शुल्क हटाए जाने के जवाब में भारत भी न्यूजीलैंड से आने वाले कुछ विशिष्ट उत्पादों पर चरणबद्ध तरीके से रियायत दे सकता है, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को परस्पर बल मिलेगा।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें