India vs Zimbabwe Women T20: 19 रन पर 4 विकेट गंवाने के बाद भारत की शानदार वापसी, जिम्बाब्वे को 4 विकेट से हराया
India vs Zimbabwe Women T20: रायपुर में खेले गए पहले महिला T20 मैच में भारत ने जिम्बाब्वे को 4 विकेट से हराया। 19 रन पर 4 विकेट गिरने के बाद निकी प्रसाद और दीप्ति शर्मा ने 82 रन की साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई।
प्रकाशित: 17 Oct 2026, 10:05 AM· 4 मिनट पढ़ने का समय
रायपुर
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India vs Zimbabwe Women T20: रायपुर में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने मुश्किल परिस्थितियों से उबरते हुए जिम्बाब्वे को 4 विकेट से हरा दिया। एक समय भारत ने महज 19 रन पर अपने 4 विकेट गंवा दिए थे, लेकिन डेब्यू कर रहीं निकी प्रसाद और अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत तक पहुंचा दिया।
दोनों के बीच 82 रनों की अहम साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट पर 114 रन बनाए थे। टीम की ओर से केलिस न्दलोवु ने 42 रन और शार्ने मायर्स ने नाबाद 43 रन की पारी खेली। जवाब में भारतीय टीम ने 15.4 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
पावरप्ले में लड़खड़ाई भारतीय टीम
115 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। जिम्बाब्वे की ऑफ स्पिनर न्याशा ग्वांज़ुरा ने पावरप्ले के दौरान भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। दूसरे ओवर की पहली गेंद पर स्मृति मंधाना कैच आउट हो गईं। इसके बाद अनुष्का शर्मा भी पॉइंट पर कैच थमा बैठीं। पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर का विकेट गिरने से भारत की मुश्किलें और बढ़ गईं। देखते ही देखते टीम का स्कोर 19 रन पर 4 विकेट हो गया। इस स्थिति में भारतीय टीम पर हार का खतरा मंडराने लगा था।
जिम्बाब्वे के खिलाफ निकी प्रसाद की शानदार बल्लेबाजीनिकी प्रसाद और दीप्ति शर्मा की साझेदारी ने पलटा मैच
मुश्किल हालात में निकी प्रसाद और दीप्ति शर्मा ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करने के साथ जरूरत के मुताबिक आक्रामक शॉट भी लगाए। उनकी साझेदारी ने न केवल भारतीय पारी को स्थिरता दी, बल्कि जीत की उम्मीद भी मजबूत कर दी। दीप्ति शर्मा ने 37 गेंदों में 49 रन बनाए, जबकि निकी प्रसाद 35 गेंदों पर नाबाद 39 रन बनाकर लौटीं। दोनों के बीच 82 रन की साझेदारी हुई। निकी ने विजयी रन बनाकर अपने डेब्यू मुकाबले को यादगार बना दिया। मैच के बाद निकी ने बताया कि उनकी तैयारी अच्छी थी और मैदान पर उतरते समय उनका ध्यान पारी को आगे बढ़ाने तथा अंत तक टिके रहने पर था। उन्होंने कहा कि जब वह और दीप्ति क्रीज पर जम गईं, तो दोनों ने चर्चा की कि किन गेंदबाजों के खिलाफ रन बनाने हैं और किन परिस्थितियों में सोच-समझकर जोखिम लिया जा सकता है।
जिम्बाब्वे की ओर से न्दलोवु और मायर्स ने किया प्रभावित
इससे पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। ओपनर बिलेव्ड बिज़ा क्रांति गौड़ की गेंद पर आउट हो गईं। इसके बाद केलिस न्दलोवु और मोडेस्टर मुपाचिकवा ने पारी को संभालने की कोशिश की। न्दलोवु ने 44 गेंदों में 42 रन बनाए। उनकी पारी में कट, पुल और ड्राइव जैसे आकर्षक शॉट देखने को मिले। मुपाचिकवा ने 26 गेंदों पर 16 रन बनाए। दोनों के बीच 53 रनों की साझेदारी हुई, जिससे जिम्बाब्वे की पारी को मजबूती मिली। हालांकि, न्दलोवु 10 ओवर के बाद अपनी गति बरकरार नहीं रख सकीं। अरुंधति रेड्डी ने उन्हें बोल्ड कर दिया। आउट होने से पहले न्दलोवु अपनी पिछली 12 गेंदों में केवल दो रन बना सकी थीं। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे की रन गति पर अंकुश लगाए रखा।
आखिरी ओवरों में मायर्स ने बढ़ाया स्कोर
जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी के अंतिम चरण में शार्ने मायर्स ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 33 गेंदों पर नाबाद 43 रन बनाकर टीम को 114 के स्कोर तक पहुंचाया। उनकी पारी में दो छक्के और चार चौके शामिल रहे। हालांकि, जिम्बाब्वे की पारी में डॉट गेंदों की संख्या अधिक रही, जिसके चलते टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर विपक्षी टीम को खुलकर खेलने से रोके रखा।
स्मृति मंधाना के कप्तानी कार्यकाल की शुरुआत
भारत और जिम्बाब्वे के बीच यह पहली द्विपक्षीय सीरीज है। इस मुकाबले के साथ स्मृति मंधाना के कप्तानी कार्यकाल की शुरुआत भी हुई। शुरुआती झटकों के बावजूद भारतीय टीम ने जिस तरह वापसी की, वह मुकाबले का सबसे अहम पहलू रहा। निकी प्रसाद के लिए यह डेब्यू मैच खास बन गया। वहीं, दीप्ति शर्मा के अनुभव ने टीम को संकट से निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत की इस जीत ने सीरीज की शुरुआत सकारात्मक अंदाज में की।