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भारतीय सेना को मिले 25 नए सैन्य पायलट, फ्लाइंग विंग्स प्रदान
भारतीय सेना को मिले 25 नए सैन्य पायलट, फ्लाइंग विंग्स प्रदान
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भारतीय सेना : हवाई ताकत को मिला नया बल, 25 अधिकारियों को फ्लाइंग विंग्स

महाराष्ट्र के नासिक स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CATS) में 59 अधिकारियों ने एविएशन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया, जिनमें से 25 अधिकारियों को फ्लाइंग विंग्स प्रदान किए गए। सेना प्रशिक्षण कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने कहा कि आधुनिक युद्ध, ड्रोन तकनीक और हवाई अभियानों की चुनौतियों को देखते हुए अधिकारियों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पिछले 23 वर्षों में यह संस्थान 1,794 अधिकारियों को प्रशिक्षित कर चुका है। सेना का मानना है कि प्रशिक्षित एविएशन अधिकारियों की यह नई खेप भविष्य के युद्धक्षेत्र में भारतीय सेना की हवाई क्षमता को और मजबूत करेगी।

कीर्तिमान नेटवर्क
02 Jun 2026, 04:50 PM
महाराष्ट्र
भारतीय सेना की हवाई क्षमता को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महाराष्ट्र के नासिक स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CATS) में एविएशन प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों के लिए एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर कुल 59 अधिकारियों ने अपनी एविएशन ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की, जिनमें से 25 अधिकारियों को बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग पूर्ण करने के बाद प्रतिष्ठित फ्लाइंग विंग्स प्रदान किए गए। समारोह में सेना प्रशिक्षण कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि भारतीय सेना की भविष्य की युद्ध तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आधुनिक युद्ध के लिए तैयार 

लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने कहा कि आज का युद्धक्षेत्र तेजी से बदल रहा है। ड्रोन तकनीक, निगरानी प्रणाली, सटीक हवाई हमले और नेटवर्क आधारित युद्ध आधुनिक सैन्य अभियानों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में सेना के पायलटों और एविएशन अधिकारियों को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल अधिकारियों को केवल विमान उड़ाने का प्रशिक्षण ही नहीं देता, बल्कि उन्हें वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में हवाई अभियानों के संचालन के लिए भी तैयार करता है।

तीन चरणों में ट्रेनिंग

सेना अधिकारियों के अनुसार, CATS में पायलटों को लगभग तीन महीने की अवधि में व्यापक प्रशिक्षण दिया जाता है। इस दौरान उन्हें बेसिक फ्लाइंग, एडवांस्ड फ्लाइंग और कॉम्बैट स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उड़ान कौशल के साथ-साथ हवाई टोही, सामरिक मिशन, आपातकालीन परिस्थितियों में निर्णय क्षमता और युद्धकालीन संचालन जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं का भी विकास किया जाता है।

23 वर्षों में तैयार 1,794 अधिकारी

लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने बताया कि पिछले 23 वर्षों में यह संस्थान भारतीय सेना के लिए 1,794 प्रशिक्षित एविएशन अधिकारियों** को तैयार कर चुका है। इनमें लगभग 20 महिला अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्होंने सेना की एविएशन शाखा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान केवल भारतीय अधिकारियों को ही नहीं, बल्कि मित्र देशों के सैन्य अधिकारियों को भी प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिससे भारत की रक्षा साझेदारी और सैन्य सहयोग को मजबूती मिलती है।

सेना की हवाई क्षमता

भारतीय सेना हाल के वर्षों में अपनी आर्मी एविएशन शाखा को लगातार मजबूत कर रही है। आधुनिक हेलीकॉप्टर, निगरानी प्रणाली और ड्रोन तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच प्रशिक्षित एविएशन अधिकारियों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। भविष्य के युद्धों में हवाई निगरानी, त्वरित सैनिक तैनाती और सटीक हमलों के लिए एविएशन यूनिट्स निर्णायक भूमिका निभाएंगी। ऐसे में प्रशिक्षित पायलटों और अधिकारियों की नई खेप सेना की परिचालन क्षमता को और मजबूत करेगी।

ड्रोन और नई तकनीकों पर फोकस

सेना अब पारंपरिक उड़ान प्रशिक्षण के साथ-साथ ड्रोन संचालन, मानव रहित हवाई प्रणालियों (UAVs) और आधुनिक युद्ध तकनीकों पर भी विशेष ध्यान दे रही है। इसका उद्देश्य अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीक आधारित युद्ध के इस दौर में प्रशिक्षित एविएशन कर्मी सेना की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरेंगे।

देश सेवा 

समारोह के अंत में फ्लाइंग विंग्स प्राप्त करने वाले अधिकारियों ने भारतीय सेना की गरिमा और परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। सेना नेतृत्व ने उम्मीद जताई कि ये युवा अधिकारी भविष्य में विभिन्न अभियानों और चुनौतियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा देश की सुरक्षा को और मजबूत करेंगे।
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