भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को देश का अगला चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नियुक्त करने का फैसला किया है। वह मौजूदा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे और भारतीय सेना की कमान संभालेंगे। इस नियुक्ति के साथ सेना को ऐसे अधिकारी का नेतृत्व मिलेगा, जिन्होंने करीब चार दशक तक विभिन्न मोर्चों और कमानों में सेवाएं दी हैं। धीरज सेठ फिलहाल वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के पद पर कार्यरत हैंअप्रैल 2026 में उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली थी और उसके बाद से ही उन्हें सेना प्रमुख पद के संभावित दावेदारों में देखा जा रहा था।
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का सैन्य करियर दिसंबर 1986 में शुरू हुआ था। वह भारतीय सेना की प्रतिष्ठित आर्मर्ड कोर से जुड़े रहे हैं, जबकि अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण फील्ड और स्टाफ नियुक्तियों की जिम्मेदारी भी संभाली। उन्होंने दक्षिणी कमान, दक्षिण-पश्चिमी कमान, दिल्ली एरिया और 21 कोर जैसी प्रमुख सैन्य संरचनाओं का नेतृत्व किया है। सेना मुख्यालय में आने से पहले वह पुणे स्थित दक्षिणी कमान के प्रमुख रहे, जहां उन्होंने कई रणनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
देश और विदेश में सैन्य अनुभव
धीरज सेठ ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी , भारतीय सैन्य अकादमी, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके अलावा उन्होंने फ्रांस और अमेरिका में भी उच्च स्तरीय सैन्य पाठ्यक्रम पूरे किए, जिससे उन्हें आधुनिक युद्धक रणनीतियों और रक्षा प्रबंधन की गहरी समझ मिली।
प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान
सेना में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक उत्तम युद्ध सेवा पदक और अति विशिष्ट सेवा पदक सहित कई महत्वपूर्ण सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं। ये सम्मान उनके नेतृत्व, परिचालन क्षमता और सेना में योगदान को दर्शाते हैं।
उपेंद्र द्विवेदी के बाद नई जिम्मेदारी
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जून 2024 में भारतीय सेना के 30वें प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल में सेना के आधुनिकीकरण, तकनीकी उन्नयन और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सैन्य ढांचे को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। अब धीरज सेठ के सामने इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ-साथ बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप सेना को तैयार रखने की जिम्मेदारी होगी।
कई चुनौतियां होंगी सामने
नए सेना प्रमुख के रूप में उनके सामने सीमाओं की सुरक्षा, आधुनिक युद्ध तकनीकों का बढ़ता इस्तेमाल, आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन और सैन्य आधुनिकीकरण जैसे कई अहम मुद्दे होंगे। इसके साथ ही सेना की परिचालन क्षमता को और प्रभावी बनाना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
अनुभव और नेतृत्व का नया अध्याय
धीरज सेठ को सेना के अनुभवी अधिकारियों में गिना जाता है। विभिन्न कमानों में नेतृत्व का अनुभव, रणनीतिक समझ और लंबे सैन्य करियर के कारण उनकी नियुक्ति को भारतीय सेना के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में उनकी भूमिका सेना की दिशा, प्राथमिकताओं और भविष्य की रणनीति तय करने में अहम रहने वाली है।
