Friday, 12 Jun 2026 भारत
ब्रेकिंग
वारदात : रंगदारी विवाद में 5 युवकों का अपहरण, बीहड़ में बेरहमी से पिटाई सियासी उलटफेर : फूलपाड़ गांव में 450 से अधिक ग्रामीण बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल कार्रवाई : बच्चों और पालकों से दुर्व्यवहार मामले में शिक्षिका निलंबित सनसनी : पति–पत्नी की हत्या कर श्मशान घाट में दफनाया, पुरानी रंजिश में वारदात, तीन गिरफ्तार पर्दाफाश : फर्जी दुर्लभ सामान बेचकर ठगी के 3 करोड़ रुपये की योजना फेल बिजली का कहर : कांकेर में बिजली गिरने से उपसरपंच समेत 3 की मौत, प्रदेशभर में अलर्ट जारी वारदात : रंगदारी विवाद में 5 युवकों का अपहरण, बीहड़ में बेरहमी से पिटाई सियासी उलटफेर : फूलपाड़ गांव में 450 से अधिक ग्रामीण बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल कार्रवाई : बच्चों और पालकों से दुर्व्यवहार मामले में शिक्षिका निलंबित सनसनी : पति–पत्नी की हत्या कर श्मशान घाट में दफनाया, पुरानी रंजिश में वारदात, तीन गिरफ्तार पर्दाफाश : फर्जी दुर्लभ सामान बेचकर ठगी के 3 करोड़ रुपये की योजना फेल बिजली का कहर : कांकेर में बिजली गिरने से उपसरपंच समेत 3 की मौत, प्रदेशभर में अलर्ट जारी
W 𝕏 f
होम यूरोप को जयशंकर का आईना : बोले- यूरोपीय हथियार दश…
जयशंकर बोले- यूरोपीय हथियार भारत के खिलाफ इस्तेमाल हुए
जयशंकर बोले- यूरोपीय हथियार भारत के खिलाफ इस्तेमाल हुए

यूरोप को जयशंकर का आईना : बोले- यूरोपीय हथियार दशकों से भारत के खिलाफ इस्तेमाल होते रहे हैं

फिनलैंड में एक कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस से तेल खरीदने पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यूरोप में बने हथियार लंबे समय से भारत के खिलाफ इस्तेमाल होते रहे हैं। उन्होंने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

कीर्तिमान नेटवर्क
12 Jun 2026, 02:54 PM
नई दिल्ली
 विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर भारत की विदेश नीति और रणनीतिक फैसलों का दृढ़ता से बचाव करते हुए पश्चिमी देशों के दोहरे रवैये पर सवाल उठाया हैं फिनलैंड में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यूरोप में निर्मित हथियार लंबे समय से भारत के खिलाफ इस्तेमाल होतेआ रहे हैं उनका इशारा पाकिस्तान द्वारा विभिन्न युद्धों और सैन्य झड़प में इस्तेमाल किए गए यूरोपीय हथियारों की ओर था जयशंकर ने यह टिप्पणी उस समय की जब एक पत्रकार ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत के रुख और रूस से कच्चा तेल खरीदने के फैसले पर सवाल उठाया। पत्रकार ने भारत पर रूस के प्रति अधिक सहानुभूति रखने और उससे तेल खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से उसका समर्थन करने का आरोप लगाया था।
राष्ट्रीय हित की बात 
बातचीत के दौरान पत्रकार ने पूछा कि भारत रूस से तेल खरीदना क्यों जारी रखे हुए है, जबकि पश्चिमी देश रूस पर आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं इस पर जयशंकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेता है और ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है उन्होंने कहा कि जब भारत अपने नागरिकों और अर्थव्यवस्था के हितों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा खरीदता है, तो उस पर सवाल उठाए जाते हैं वहीं दूसरी ओर, ऐसे देशों के हथियार वर्षों तक भारत के खिलाफ इस्तेमाल होते रहे हैं।

यूरोप को दिखाया आईना

विदेश मंत्री ने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है पाकिस्तान ने कई मौकों पर भारत के खिलाफ यूरोप में बने हथियारों का इस्तेमाल किया है ऐसे में भारत को यह समझाने की कोशिश करना कि उसे अपने राष्ट्रीय हितों के विरुद्ध जाकर फैसले लेने चाहिए, उचित नहीं है उनके बयान को पश्चिमी देशों की उस आलोचना के जवाब के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें भारत पर रूस से तेल खरीदने को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं।

भारत का बदला रुख

जयशंकर ने दोहराया कि भारत की पहली जिम्मेदारी अपने 140 करोड़ नागरिकों के हितों की रक्षा है दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए  बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश कर रही है भारत किसी भी देश से केवल राजनीतिक दबाव के कारण अपने आर्थिक हितों से समझौता नहीं कर सकता यदि कहीं से सस्ती और विश्वसनीय ऊर्जा उपलब्ध होती है तो भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगा।

रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत का दृष्टिकोण

विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने हमेशा संवाद और कूटनीति का समर्थन किया है। भारत का कहना है कि किसी भी संघर्ष का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं बल्कि बातचीत की मेज पर निकलता है उन्होंने कहा कि भारत ने कभी भी युद्ध का समर्थन नहीं किया और लगातार शांति, कूटनीति तथा संवाद की वकालत की है। यही कारण है कि भारत ने रूस और यूक्रेन दोनों के साथ संवाद बनाए रखा है।

पश्चिमी देशों के दोहरे मानदंडों पर सवाल

 जयशंकर का बयान पश्चिमी देशों के उन दोहरे मानदंडों की ओर इशारा करता है, जिनमें वे अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों के अनुसार फैसले लेते हैं, लेकिन अन्य देशों से अलग अपेक्षाएं रखते हैं भारत लगातार यह कहता रहा है कि वैश्विक व्यवस्था में सभी देशों को अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा का समान अधिकार होना चाहिए। रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भी भारत ने यही रुख अपनाया है।

भारत की स्वतंत्र विदेश नीति 

जयशंकर के बयान को भारत की स्वतंत्र और बहुध्रुवीय विदेश नीति के एक और उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है पिछले कुछ वर्षों में भारत ने यह स्पष्ट किया है कि वह किसी एक शक्ति खेमे का हिस्सा बनने के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों और रणनीतिक स्वायत्तता को प्राथमिकता देगा फिनलैंड में दिया गया यह बयान केवल रूस से तेल खरीदने के मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और स्वतंत्र कूटनीतिक सोच का भी संकेत है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
भारत
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल
कलमकार
आयोजन
डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें