Wednesday, 02 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Murder Case: हाईवे पर शव फेंककर रची सड़क हादसे की कहानी, पुलिस ने खोला हत्या का राज Dhamtari Snake Bite: 13 साल के बच्चे करैत सांप ने डसा, इलाज के दौरान मौत Balod News: आवारा कुत्ते का आतंक, 13 लोगों को काटकर किया घायल, 3 की हालत गंभीर Bastar Crime News: नाबालिग से दुष्कर्म का मामला, शादी का झांसा देने वाला आरोपी गिरफ्तार Rajnandgaon Road Accident: स्कॉर्पियो और बाइक की भीषण टक्कर, 4 लोगों की मौत, जांच में जुटी पुलिस Raigarh Road Accident: बस और ट्रक की आमने-सामने जोरदार टक्कर, 14 यात्री घायल Murder Case: हाईवे पर शव फेंककर रची सड़क हादसे की कहानी, पुलिस ने खोला हत्या का राज Dhamtari Snake Bite: 13 साल के बच्चे करैत सांप ने डसा, इलाज के दौरान मौत Balod News: आवारा कुत्ते का आतंक, 13 लोगों को काटकर किया घायल, 3 की हालत गंभीर Bastar Crime News: नाबालिग से दुष्कर्म का मामला, शादी का झांसा देने वाला आरोपी गिरफ्तार Rajnandgaon Road Accident: स्कॉर्पियो और बाइक की भीषण टक्कर, 4 लोगों की मौत, जांच में जुटी पुलिस Raigarh Road Accident: बस और ट्रक की आमने-सामने जोरदार टक्कर, 14 यात्री घायल
W 𝕏 f
होम राज्य सरकार Jashpur District Hospital: दो गंभीर मरीजों को मिल…
Critical patients find relief at Jashpur Hospital. (Image Source: CGDPR)
Critical patients find relief at Jashpur Hospital. (Image Source: CGDPR)
राज्य सरकार

Jashpur District Hospital: दो गंभीर मरीजों को मिली नई जिंदगी, जिला अस्पताल में बढ़ी विशेषज्ञ सेवाएं

Jashpur District Hospital: जिला चिकित्सालय जशपुर में सेप्टिक शॉक से पीड़ित 10 वर्षीय बच्ची और एक्टोपिक प्रेग्नेंसी से जूझ रही महिला का सफल उपचार किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों और नर्सिंग टीम की तत्परता से दोनों मरीजों को समय पर जरूरी चिकित्सा सुविधा मिली।

कीर्तिमान डेस्क | धनेश्वरी साहू
02 Sep 2026, 06:03 PM
रायपुर
Jashpur District Hospital: जिला चिकित्सालय जशपुर में गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। चिकित्सकों एवं नर्सिंग टीम की तत्परता, त्वरित चिकित्सकीय निर्णय और बेहतर समन्वय से हाल ही में दो गंभीर मरीजों का सफल उपचार किया गया। सेप्टिक शॉक की गंभीर स्थिति में पहुंची 10 वर्षीय बच्ची को जीवनरक्षक उपचार देकर स्वस्थ किया गया, वहीं एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के गंभीर मामले में महिला का सफल ऑपरेशन कर संभावित जानलेवा जटिलताओं से बचाया गया।
इन सफल उपचारों से यह स्पष्ट हुआ है कि जिला चिकित्सालय में गंभीर एवं आपातकालीन मामलों के उपचार के लिए आवश्यक विशेषज्ञ सेवाएं और स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार सुदृढ़ हो रही हैं। इससे मरीजों को उपचार के लिए दूरस्थ बड़े चिकित्सा संस्थानों अथवा दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है और समय एवं आर्थिक संसाधनों की बचत हो रही है।

सेप्टिक शॉक में गंभीर हालत में पहुंची 10 वर्षीय बच्ची की बची जान

पाकड़टोली, जिला गुमला निवासी 10 वर्षीय संध्या कुमारी को 28 अगस्त 2026 को तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, सुस्ती एवं बेहोशी की गंभीर स्थिति में जिला चिकित्सालय जशपुर लाया गया। अस्पताल पहुंचने के समय बच्ची का ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर काफी कम था। जांच में किडनी एवं लिवर फंक्शन में भी गंभीर असामान्यताएं पाई गईं। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसकी स्थिति को सेप्टिक शॉक के रूप में चिन्हित किया गया। बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पुष्पराज प्रधान (MD Pediatrics) के नेतृत्व में तत्काल उपचार प्रारंभ किया गया। बच्ची को आईवी फ्लूड्स, उच्च श्रेणी की एंटीबायोटिक्स एवं आवश्यक सपोर्टिव उपचार दिया गया। लगातार कम रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए लगभग तीन दिनों तक आवश्यक वेसोएक्टिव एवं जीवनरक्षक सपोर्ट दिया गया।

मेडिकल टीम की निगरानी से मिली राहत 

उपचार के दौरान चिकित्सकीय एवं नर्सिंग टीम द्वारा बच्ची के ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, चेतना की स्थिति सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य मानकों की लगातार निगरानी की गई। समय पर उपचार और सतत निगरानी के परिणामस्वरूप बच्ची की स्थिति में लगातार सुधार हुआ। वर्तमान में बच्ची हेमोडायनामिक रूप से स्थिर है, पूरी तरह सचेत एवं ओरिएंटेड है तथा उसमें कोई डेंजर साइन नहीं है। बच्ची के उपचार में अमृता सिंह, संध्या साविता एक्का, अनुपा मिंज, वसुंधरा साय, प्रमिला भगत, रेशमा किस्पोट्टा, अमीना मिंज एवं अंकिता मिंज ने अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का जिला अस्पताल में सफल ऑपरेशन 

ग्राम घरमुंडा, विकासखंड कुनकुरी निवासी चंद्रिका बाई, पति श्रवण कुमार, को एक्टोपिक प्रेग्नेंसी की गंभीर स्थिति में जिला चिकित्सालय जशपुर में उपचार के लिए लाया गया। जांच में पाया गया कि गर्भावस्था गर्भाशय के बजाय फैलोपियन ट्यूब में विकसित हो रही थी। एक्टोपिक प्रेग्नेंसी में समय पर उपचार नहीं मिलने पर फैलोपियन ट्यूब के फटने से अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव जैसी गंभीर एवं जानलेवा स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता साय ने तत्काल सर्जिकल उपचार का निर्णय लिया। आवश्यक तैयारियों के बाद महिला का सफल ऑपरेशन किया गया और फैलोपियन ट्यूब में विकसित एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का उपचार किया गया। ऑपरेशन के बाद महिला को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और आवश्यक उपचार एवं देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है।

रात्रिकालीन आपातकालीन सर्जरी की सुविधा भी होगी मजबूत

सिविल सर्जन ने बताया कि जिला चिकित्सालय जशपुर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। शासन द्वारा आवश्यक डीएफआर की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे गंभीर एवं आपातकालीन मामलों में आवश्यकता पड़ने पर रात्रि में भी सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे विशेष रूप से गर्भावस्था से संबंधित आपातकालीन स्थितियों सहित अन्य गंभीर सर्जिकल मामलों में मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के समन्वित प्रयासों से जिला चिकित्सालय में ही गंभीर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें