Kanker News: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में भानुप्रतापपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 11 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) दीपक के. गुप्ता ने मामले में पेश किए गए मौखिक, परिस्थितिजन्य और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया।
घर में अकेली थी नाबालिग, आरोपी ने दी थी धमकी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना के संबंध में पीड़िता की मां ने 25 फरवरी 2023 को अंतागढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि नाबालिग बेटी को घर में अकेला पाकर आरोपी अंदर पहुंचा और उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। घटना के बाद आरोपी ने किसी को इसकी जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। धमकी के डर से पीड़िता ने तत्काल घटना के बारे में किसी को नहीं बताया।
पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ था मामला
पीड़िता की मां की शिकायत पर अंतागढ़ पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और 506-बी के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने संबंधित साक्ष्य जुटाए और गवाहों के बयान सहित अन्य सामग्री न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की।साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाई सजा
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अपना पक्ष रखा। विशेष अपर लोक अभियोजक टी.एस. यादव ने न्यायालय में पैरवी की। सभी साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 11 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के चलते दोषसिद्धि में मदद मिली। इस कार्रवाई में थाना अंतागढ़ के निरीक्षक रोशन कौशिक, उप निरीक्षक पवन ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक गोपाल नेताम, महिला प्रधान आरक्षक जमुना ठाकुर और आरक्षक नरेश सिन्हा की भूमिका रही।






