खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों के तहत महासमुंद जिले में कृषि विभाग ने किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक और बीज उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार यह व्यवस्था किसानों की खेती-किसानी में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके उद्देश्य से की गई है। उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने बताया कि जिले में सहकारी एवं निजी क्षेत्र से कुल 60,850 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया था।
अब तक 30,683 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारित किए जा चुके हैं, जो लक्ष्य का लगभग 51 प्रतिशत है। इनमें से 7,110 मीट्रिक टन उर्वरक किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जबकि वर्तमान में 23,573 मीट्रिक टन भंडारण में उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त जिला विपणन केंद्र महासमुंद में 9,740 मीट्रिक टन उर्वरक सुरक्षित है, जिससे आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित हो गई है।
भूमि रकबे के आधार पर उर्वरक वितरण योजना
- 2.5 एकड़ तक: एकमुश्त वितरण
- 2.5–5 एकड़: दो किस्तों में वितरण
- 5 एकड़ से अधिक: तीन किस्तों में 20-20 दिन के अंतराल पर वितरण
नैनो उर्वरकों की उपलब्धता
जिले में नैनो उर्वरकों का भंडारण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में 8,000 लीटर नैनो यूरिया और 5,000 लीटर नैनो डीएपी सहित कुल 13,000 लीटर नैनो उर्वरक उपलब्ध हैं। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया कि ये पूरी तरह वैकल्पिक हैं और किसानों को लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
कृषि उत्पादन में वृद्धि
जैविक खेती और वैज्ञानिक समर्थन
कृषि विभाग किसानों को हरी खाद, जैव उर्वरक और ब्लू-ग्रीन एल्गी (हरित शैवाल) के उपयोग के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इच्छुक किसानों को प्रति एकड़ 8 किलोग्राम ढैंचा बीज और 4 किलोग्राम मूंग बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह जैव उर्वरक नाइट्रोजन स्थिरीकरण कर मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करता है।
