Kolkata Durga Puja: बेस्ट चोरबागान पंडाल में बारिश के बाद मची भगदड़, 19 श्रद्धालुओं की मौत, SIT करेगी जांच
Kolkata Durga Puja: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भारी बारिश के दौरान भीड़ बढ़ने से भगदड़ की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 19 लोगों की मौत हुई है और 25 से अधिक लोग घायल हैं। पुलिस ने 14 लोगों को हिरासत में लिया है।
प्रकाशित: 18 Oct 2026, 11:22 AM· 3 मिनट पढ़ने का समय
कोलकाता
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Kolkata Durga Puja: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। शहर के प्रसिद्ध 'चोरबागान' पूजा पंडाल में अचानक मची भगदड़ में कम से कम 19 श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस बार ‘बेस्ट ऑफ द बेस्ट’ का खिताब हासिल करने वाले इस पंडाल में यह दुखद घटना भारी बारिश के बाद अचानक बढ़ी भीड़ की वजह से हुई। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की है। पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजकों समेत 14 लोगों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
बारिश बनी हादसे की वजह, अव्यवस्था ने बढ़ाई मुसीबत
राज्य के कैबिनेट मंत्री उमेश राय के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से चोरबागान पंडाल में दर्शनार्थियों का हुजूम उमड़ रहा था। शनिवार को जब पंडाल पहले से ही खचाखच भरा हुआ था, तभी अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बाहर मौजूद लोग बारिश से बचने के लिए तेजी से अंदर घुसने लगे, जबकि अंदर मौजूद लोग बारिश की वजह से बाहर निकलने को तैयार नहीं थे। प्रवेश और निकास के रास्ते पर अत्यधिक दबाव बनने के कारण अफरा-तफरी मच गई, जिसने चंद मिनटों में ही भगदड़ का रूप ले लिया।
आयोजकों पर कुप्रबंधन के गंभीर आरोप
मंत्री उमेश राय ने हादसे के लिए आयोजकों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनके मुताबिक:
भीड़ नियंत्रण में नाकामी: जब अंदर क्षमता से अधिक लोग मौजूद थे, तब नए लोगों के प्रवेश पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए थी।
कम रोशनी: पंडाल के भीतर प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। कम रोशनी के कारण लोग भीड़ के फैलाव का सही अंदाजा नहीं लगा सके, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
चोरबागान का पंडाल कोलकाता की दुर्गा पूजा में हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है। इस साल इसे ‘बियॉन्ड साउंड’ (ध्वनि से परे) थीम पर तैयार किया गया था, जिसका उद्देश्य लोगों को शोर-शराबे से दूर एक शांत वातावरण का अहसास कराना था। पंडाल के भीतर प्राचीन और आधुनिक घड़ियों के माध्यम से समय चक्र को दर्शाया गया था।
पुलिस कार्रवाई और कानूनी शिकंजा
कोलकाता पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। गिरीश पार्क थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), 110 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास) और 3(5) के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया गया है। हिरासत में लिए गए 14 लोगों से पुलिस की विशेष टीम गहन पूछताछ कर रही है।
पीड़ितों के लिए मुआवजे और सहायता की घोषणा
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार ने निम्नलिखित घोषणाएं की हैं:
SIT का गठन: हादसे के कारणों और प्रशासनिक चूक की गहराई से जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है।
मृतकों के परिजनों को राहत: मृतक आश्रितों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक पात्र सदस्य को ‘ग्रुप D’ में सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया गया है।
घायलों की मदद: घायलों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि के साथ-साथ उनके पूरे इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और सुरक्षा के लिहाज से आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।