उत्तर बस्तर कांकेर जिले के दुधावा क्षेत्र के बाद अब नरहरपुर और सरोना वन परिक्षेत्र में भी तेंदुए के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण अब शाम ढलते ही घरों में दुबकने को मजबूर हैं और रात के समय बाहर निकलना लगभग बंद हो गया है। पूरे इलाके में दहशत और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
नरहरपुर वन परिक्षेत्र के देवडोंगर गांव में अलसुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां घर के भीतर सो रहे एक ग्रामीण पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि तेंदुआ सीधे घर के पास पहुंचा और सो रहे व्यक्ति को घायल कर दिया। घायल ग्रामीण को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
अब तक चार ग्रामीण तेंदुए के हमले में घायल
वन विभाग अलर्ट मोड पर, निगरानी बढ़ाई गई
लगातार हो रहे हमलों के बाद वन विभाग भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है। प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है और तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वन अमला ग्रामीणों को सतर्क रहने, रात में अकेले बाहर न निकलने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील कर रहा है।
लगातार हो रहे हमलों से परेशान ग्रामीणों ने मांग की है कि तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़कर आबादी वाले क्षेत्र से दूर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।










