Kanker News: जिले में धान खरीदी व्यवस्था में बड़ी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। भानुप्रतापपुर विकासखंड के आसुलखार धान खरीदी केंद्र में जांच के दौरान 4,651 क्विंटल से अधिक धान और 11,628 बोरा बारदाने की कमी पाई गई है। इस गड़बड़ी से शासन को करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपए का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। मामले में पुलिस ने धान खरीदी प्रभारी और बारदाना प्रभारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 36 हजार क्विंटल से अधिक धान की हुई थी खरीदी
जानकारी के मुताबिक, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित आसुलखार के धान खरीदी केंद्र में कुल 748 किसानों से 36,703 क्विंटल धान खरीदा गया था। रिकॉर्ड के अनुसार, इसमें से 30,855 क्विंटल धान का ही उठाव हुआ था। खरीदी केंद्र में उपलब्ध स्टॉक और दस्तावेजों का मिलान करने के साथ जब भौतिक सत्यापन किया गया, तो बड़े पैमाने पर अंतर सामने आया। जांच में 4,651 क्विंटल धान और 11,628 बोरा बारदाना कम मिला। इनकी कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 44 लाख 18 हजार 720 रुपए आंकी गई है।
संयुक्त जांच टीम ने सौंपी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर खाद्य शाखा ने 10 जून 2026 को जांच समिति गठित की थी। इस समिति में खाद्य निरीक्षक, सहकारी निरीक्षक और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के शाखा प्रबंधक को शामिल किया गया था। संयुक्त टीम ने खरीदी केंद्र के रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध सामग्री का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जांच में धान खरीदी प्रभारी टिकेश्वर पोटाई और बारदाना प्रभारी भोज कुमार जैन की भूमिका सामने आई। इसके बाद समिति प्रबंधक परमेश महावीर की रिपोर्ट पर भानुप्रतापपुर थाने में अपराध क्रमांक 226/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा
गया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए धान खरीदी प्रभारी टिकेश्वर पोटाई और बारदाना प्रभारी भोज कुमार जैन को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया गया। आसुलखार धान खरीदी केंद्र में सामने आई इस गड़बड़ी ने सरकारी धान खरीदी व्यवस्था में स्टॉक के रखरखाव और निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।






