महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों अचानक हलचल बेहद तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी एनसीपी (एससीपी) के अध्यक्ष शरद पवार के एक ताजा बयान और हालिया मुलाकातों ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। शरद पवार ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा किसानों की कर्जमाफी योजना में किए गए बड़े बदलावों की खुलकर तारीफ की है।
उन्होंने कहा कि सरकार के इस जनहितैषी फैसले से राज्य के लाखों किसान परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। इसके साथ ही पवार ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का विशेष रूप से धन्यवाद भी व्यक्त किया है। विरोधी खेमे के सबसे बड़े नेता द्वारा सरकार की इस तारीफ को राजनीतिक पंडित बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
एनडीए में शामिल होने या कांग्रेस में विलय की चर्चाएं तेज
शरद पवार द्वारा सरकार की तारीफ करने और हाल की कुछ सियासी मुलाकातों के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हल्कों में कई तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। चर्चाएं हैं कि क्या शरद पवार की पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने जा रही है या फिर पार्टी का अस्तित्व बचाने के लिए इसका कांग्रेस में विलय (Merger) कर दिया जाएगा। हालांकि, इन सभी अटकलों पर विराम लगाने के लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे तुरंत सामने आए। शिंदे ने साफ तौर पर कहा कि मीडिया और राजनीतिक हलकों में चल रही ये सभी बातें पूरी तरह से निराधार और महज अफवाह हैं। पार्टी अपनी स्वतंत्र पहचान के साथ काम करती रहेगी।
अंदरूनी सूत्रों का दावा: पार्टी नेता गठबंधन के पक्ष में नहीं
क्यों शुरू हुईं अटकलें? मुख्यमंत्री के केबिन में हुई वो सीक्रेट मुलाकात
दरअसल, इन राजनीतिक अटकलों को हवा मिलने की शुरुआत ८ जुलाई को हुई थी। उस दिन मुंबई स्थित विधानभवन में महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में शरद पवार भी शामिल हुए थे। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस आधिकारिक बैठक के खत्म होने के ठीक बाद शरद पवार ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के केबिन का रुख किया। वहां उन्होंने अपनी पार्टी के विधायकों के साथ काफी देर तक मुलाकात और चर्चा की। विधानसभा परिसर में हुई इस अचानक मुलाकात के बाद से ही कयासों का दौर शुरू हो गया, जिसे पवार के ताजा बयान ने और मजबूती दे दी है।