जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और लगातार बढ़ रहे यातायात उल्लंघनों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव के निर्देशन में तथा यातायात प्रभारी केशव ठाकुर के नेतृत्व में जिले के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों और व्यस्त मार्गों पर विशेष वाहन चेकिंग अभियान संचालित किया गया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने विशेष रूप से तेज गति से वाहन चलाने, प्रेशर हॉर्न का उपयोग करने, बिना नंबर प्लेट के वाहन संचालित करने और सीट बेल्ट नहीं लगाने वाले वाहन चालकों को चिन्हित किया। जांच के दौरान कई ऐसे वाहन चालक भी पकड़े गए जो नियमों की अनदेखी करते हुए लापरवाही से वाहन चला रहे थे। पुलिस ने मौके पर ही चालानी कार्रवाई करते हुए नियम तोड़ने वालों को यातायात कानूनों की जानकारी दी और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करने की चेतावनी भी दी।
23 प्रकरण दर्ज, 17 हजार से अधिक जुर्माना वसूला
विशेष चेकिंग अभियान के दौरान कुल 23 प्रकरण दर्ज किए गए। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों से समन शुल्क के रूप में कुल 17 हजार 100 रुपये का जुर्माना वसूला गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कार्रवाई के साथ-साथ यातायात पुलिस ने लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया। वाहन चालकों को समझाइश देते हुए बताया गया कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग केवल नियम नहीं बल्कि जीवन सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और ट्रैफिक संकेतों की अनदेखी न करें।यातायात प्रभारी ने की नियम पालन की अपील
यातायात प्रभारी केशव ठाकुर ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सभी वाहन चालक जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन कर न केवल स्वयं का बल्कि अन्य लोगों के जीवन को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।
