मुरैना शहर में पुलिस का मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया। गांधी कॉलोनी निवासी 35 वर्षीय सुरभि जैन पत्नी मनीष जैन रोज की तरह स्कूटी से मंदिर जा रही थीं। इसी दौरान एमएस रोड स्थित जीवाजीगंज पुलिया के पास एक तेज रफ्तार बाइक सवार ने लापरवाही से कट मार दिया।
बाइक की टक्कर से बचने के प्रयास में सुरभि जैन का संतुलन बिगड़ गया और वह स्कूटी समेत सड़क पर गिर गईं। हादसे में उन्हें चोटें आईं और वह घायल अवस्था में सड़क पर पड़ी रहीं। घटना के समय वहां से निर्भया मोबाइल टीम गुजर रही थी।
निर्भया मोबाइल टीम ने दिखाई तत्परता
टीम में तैनात महिला सब इंस्पेक्टर लक्ष्मी भदौरिया ने जैसे ही घायल महिला को देखा, उन्होंने तुरंत वाहन रुकवाया और मदद के लिए आगे बढ़ीं।
उन्होंने चालक राजकुमार और आरक्षक किशन कटारा के साथ मिलकर घायल सुरभि जैन को सुरक्षित उठाया। पुलिसकर्मियों ने मानवता का परिचय देते हुए उन्हें सरकारी वाहन से तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। निर्भया मोबाइल टीम की तत्परता के कारण घायल महिला को समय पर उपचार मिल सका।
घायल महिला की मदद बनी मिसाल
मुरैना में निर्भया मोबाइल टीम की इस त्वरित कार्रवाई ने पुलिस और आम जनता के बीच भरोसे को और मजबूत किया है। सड़क हादसे के समय बिना देरी किए घायल महिला की मदद करना पुलिसकर्मियों की संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस टीम के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे मानवता की मिसाल बताया।
समय पर इलाज मिलने से टली बड़ी परेशानी
जिला अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया।
कुछ ही समय बाद घटना की जानकारी मिलने पर महिला के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। समय पर इलाज मिलने से सुरभि जैन की हालत सामान्य रही और प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें परिजनों के साथ घर भेज दिया। घायल महिला के परिजनों ने निर्भया मोबाइल टीम की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील व्यवहार की सराहना की।
परिजनों ने पुलिस टीम का जताया आभार
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों ने समय पर मदद नहीं की होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
परिजनों ने महिला सब इंस्पेक्टर लक्ष्मी भदौरिया सहित पूरी टीम का आभार जताते हुए पुलिस की तत्परता की प्रशंसा की।
इस घटना के बाद महिला सब इंस्पेक्टर लक्ष्मी भदौरिया और उनकी टीम की शहर में जमकर सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस की ऐसी पहल आम जनता के बीच विश्वास और सम्मान को मजबूत करती है।
यह घटना बताती है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय लोगों की मदद करना भी उसकी अहम भूमिका है।