वेनेजुएला के उत्तरी तट के पास आए बेहद शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंप ने वहां भयंकर तबाही मचाई है। एक मिनट के भीतर आए दो जबरदस्त झटकों के कारण अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 700 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक पहला झटका 7.1 और दूसरा झटका 7.5 तीव्रता का था, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। इसके बाद भी इलाके में 20 से अधिक बार धरती कांपी, जिससे लोगों में भारी दहशत फैल गई और लोग जान बचाने के लिए सड़कों पर भागने लगे। भूकंप का केंद्र राजधानी काराकस से करीब 160 किलोमीटर दूर था। हालांकि वेनेजुएला सरकार की तरफ से अभी तक नुकसान का पूरा आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
वैज्ञानिकों ने जताई बड़ी त्रासदी की आशंका, ऐसे लगाया जाता है नुकसान का अंदाजा
इस बीच अमेरिकी वैज्ञानिकों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने इस भूकंप से बहुत बड़े पैमाने पर नुकसान होने का अंदेशा जताया है। विशेषज्ञों ने इसके लिए पेजर सिस्टम नाम की एक खास तकनीक का इस्तेमाल किया है। भूभौतिकी वैज्ञानिकों के अनुसार यह तकनीक भूकंप की ताकत, जमीन के भीतर उसकी गहराई, वहां रहने वाली आबादी और वहां बनी इमारतों की मजबूती के पुराने रिकॉर्ड को देखकर तुरंत एक अनुमान तैयार करती है कि कितनी तबाही हो सकती है। इस शुरुआती अनुमान के मुताबिक मरने वालों का आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है। फिलहाल वहां की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने टीवी पर आकर नुकसान की बात मानी है और राहत कार्य तेज कर दिए हैं।
भारत और अमेरिका ने की मदद की पेशकश, आपदा राहत टीमें काम पर लगीं
वेनेजुएला में आई इस अचानक मुसीबत के बाद दुनिया भर के बड़े नेताओं ने दुख जताया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है और हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी वेनेजुएला की अंतरिम सरकार को पूरा भरोसा देते हुए अपनी सभी सरकारी एजेंसियों को तुरंत काम पर जुटने के निर्देश दिए हैं। अमेरिका ने खोज और बचाव दल के साथ मेडिकल का सामान पहुंचाने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन कर दिया है जो प्रभावित इलाकों में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लोगों की जान बचाने का काम करेगी।
