Fee Scam: छत्तीसगढ़ के तीन निजी मेडिकल कॉलेजों में विद्यार्थियों से निर्धारित फीस से अधिक राशि वसूलने और अतिरिक्त राशि वापस नहीं करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में प्रार्थी निश्चय वाजपेयी ने रायपुर पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत देकर संबंधित मेडिकल कॉलेजों के संचालकों, प्रबंधन और फीस वसूली के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति के निर्णय और राज्य शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश के बावजूद संबंधित मेडिकल कॉलेज विद्यार्थियों से वसूली गई अतिरिक्त फीस वापस नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई है। शिकायतकर्ता ने इसे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के आर्थिक हितों को प्रभावित करने वाला गंभीर मामला बताया है।
तीन निजी मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त फीस वसूली का आरोप
शिकायत में छत्तीसगढ़ के तीन निजी मेडिकल कॉलेजों का उल्लेख किया गया है। शिकायत के अनुसार, इन संस्थानों में प्रति विद्यार्थी वापस की जाने वाली अतिरिक्त फीस की राशि इस प्रकार बताई गई है।
• श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, जुनवानी, भिलाई: 4,43,173 रुपए।
• रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, भनसोज, ग्राम गोढ़ी, रायपुर: 4,53,593 रुपए।
• श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, मोवा, रायपुर: 4,58,222 रुपए।
शिकायतकर्ता ने इन राशियों को विद्यार्थियों से वसूली गई अतिरिक्त फीस बताते हुए वापस दिलाने की मांग की है। हालांकि, कॉलेजों पर लगाए गए आरोपों और बताई गई राशि की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित संस्थानों का पक्ष भी सामने आना बाकी है।
शासन के आदेश के बावजूद फीस नहीं लौटाने का आरोप
शिकायत में प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति, रायपुर के 3 अप्रैल 2025 के निर्णय और चिकित्सा शिक्षा विभाग के 23 सितंबर 2025 के आदेश का हवाला दिया गया है। शिकायत में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, संबंधित विद्यार्थियों को अतिरिक्त फीस एक महीने के भीतर वापस करने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समय में राशि नहीं लौटाने की स्थिति में 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान किए जाने का भी उल्लेख है। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित आदेश जारी होने के बावजूद विद्यार्थियों को उनकी अतिरिक्त फीस नहीं मिली है। इसी आधार पर उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और आदेश के पालन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।BNS की विभिन्न धाराओं में जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने मामले की परिस्थितियों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 308, 316 और 223 सहित अन्य उपयुक्त धाराओं के तहत जांच की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि यदि निर्धारित आदेश की जानकारी होने के बावजूद अतिरिक्त फीस वसूली जारी रखी गई और विद्यार्थियों को राशि वापस नहीं की गई तो मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग और अन्य संभावित अपराधों के पहलुओं की जांच की जानी चाहिए। साथ ही फीस के रूप में प्राप्त धनराशि के इस्तेमाल की भी जांच कराने की मांग की गई है।
मौजूद शैक्षणिक सत्र की फीस वसूली पर भी सवाल
मौजूदा शैक्षणिक सत्र की फीस वसूली पर भी सवाल शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि पहले निर्णय और आदेश जारी होने के बावजूद वर्तमान शैक्षणिक सत्र में भी निर्धारित फीस से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने संबंधित मेडिकल कॉलेजों की फीस वसूली व्यवस्था की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। इस मामले में अब पुलिस की जांच और संबंधित विभागों के रुख पर नजर रहेगी। यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है, तो इसका असर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को अतिरिक्त फीस की वापसी की प्रक्रिया पर पड़ सकता है। फिलहाल, शिकायत के आधार पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।







