आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीज से अतिरिक्त राशि वसूलने के मामले में राजधानी रायपुर के मित्तल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस पर बड़ी कार्रवाई की गई है। राज्य नोडल एजेंसी ने अस्पताल को तीन महीने के लिए आयुष्मान भारत योजना से निलंबित कर दिया है। साथ ही अस्पताल को मरीज के परिजनों से सर्जरी के नाम पर लिए गए 90 हजार रुपए वापस करने का निर्देश भी दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, मरीज अल्बर्ट एक्का के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल ने इलाज के लिए अतिरिक्त रकम वसूली। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच रायपुर संभाग के संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाओं को सौंपी गई।
जांच में सामने आई अनियमितता
जांच में सामने आया कि अस्पताल ने दवाइयों के नाम पर 15,226 रुपए और सर्जरी के लिए 90 हजार रुपए लिए थे। जांच के बाद अस्पताल ने दवाइयों के लिए ली गई 15,226 रुपए की राशि चेक के माध्यम से मरीज के परिजनों को लौटा दी, लेकिन सर्जरी के लिए वसूले गए 90 हजार रुपए अब तक वापस नहीं किए गए। इसी तथ्य के आधार पर राज्य नोडल एजेंसी ने मित्तल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस को तीन महीने के लिए आयुष्मान भारत योजना से निलंबित करने का फैसला लिया। इस अवधि के दौरान अस्पताल योजना के तहत नए मरीजों को भर्ती नहीं कर सकेगा। हालांकि, जो मरीज पहले से भर्ती हैं, उनका इलाज पूरा कर उन्हें डिस्चार्ज किया जा सकेगा।प्रचार सामग्री हटाने और भविष्य के लिए चेतावनी
इसके अलावा अस्पताल को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने परिसर से आयुष्मान भारत योजना से संबंधित सभी प्रचार-प्रसार सामग्री हटाए। एजेंसी ने भविष्य में ऐसी अनियमितता दोबारा सामने आने पर और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
