आज केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन और छत्तीसगढ़ शासन के प्रभावी क्रियान्वयन का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है। कभी गंभीर पेयजल संकट से जूझने वाला यह गांव अब “हर घर जल” की सुविधा से पूरी तरह लाभान्वित होकर जल संकट से मुक्त हो चुका है। गांव के प्रत्येक घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचने से ग्रामीणों के जीवन में आत्मविश्वास, सुविधा और खुशहाली आई है।ग्रामीणों ने बताया कि कुछ वर्षों पहले तक पूरे गांव में केवल 8 हैंडपंप ही पानी का एकमात्र सहारा थे। गर्मी के मौसम में जलस्तर नीचे चले जाने से अधिकांश हैंडपंप जवाब दे देते थे और लोगों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ता था। विशेषकर महिलाओं और बच्चों का अधिकतर समय पानी की व्यवस्था करने में ही बीत जाता था, जिससे दैनिक जीवन और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी।
127 लाख की लागत से बनी स्थायी जल व्यवस्था
ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में स्थायी पेयजल व्यवस्था विकसित की। योजना के तहत लगभग 127.47 लाख रुपये की लागत से 40 किलोलीटर क्षमता की विशाल पानी टंकी का निर्माण कराया गया। साथ ही करीब 1750 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर गांव के सभी मोहल्लों तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
इस योजना के माध्यम से गांव के 130 घरों में घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए गए, जिससे अब प्रत्येक परिवार को घर बैठे स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। बेहतर क्रियान्वयन और शत-प्रतिशत जल आपूर्ति के चलते ग्राम गणेशपुर को “हर घर जल प्रमाणित गांव” घोषित किया गया है।
ग्राम पंचायत की सरपंच मदना बाई पटेल की भूमिका इस उपलब्धि में विशेष रूप से सराहनीय रही। उन्होंने ग्रामीणों को योजना से जोड़ने, जनसहभागिता बढ़ाने तथा जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। गांव में लोगों को जल संवर्धन, पानी के सतत उपयोग और जलकर के महत्व के बारे में भी लगातार जागरूक किया जा रहा है, ताकि योजना का संचालन लंबे समय तक सुचारु रूप से जारी रह सके।
जल गुणवत्ता जांच में ‘जल बहनों’ की भागीदारी
योजना के तहत एक विशेष पहल करते हुए गांव की “जल बहनों” को फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण भी दिया गया है। अब वे नियमित रूप से जल गुणवत्ता परीक्षण कर ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इससे गांव में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति भी जागरूकता बढ़ी है।ग्रामीणों के जीवन में आया बड़ा बदलाव
योजना से लाभान्वित ग्रामीण श्रीमती बेदमति ने बताया कि पहले पानी लाने के लिए उन्हें काफी दूर जाना पड़ता था, जिससे समय और मेहनत दोनों अधिक लगते थे। अब घर में नल से पानी मिलने के कारण उनकी परेशानी पूरी तरह खत्म हो गई है और परिवार के जीवन स्तर में बड़ा सुधार आया है।
आज
ग्राम गणेशपुर जल जीवन मिशन की सफलता की एक मिसाल बन चुका है, जहां सरकार
और ग्रामीणों की सहभागिता ने मिलकर विकास, सुविधा और स्वच्छ जीवन की नई
कहानी लिखी है।
