देश के अलग-अलग राज्यों में इस समय मानसून का बेहद अनोखा और डराने वाला रूप देखने को मिल रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि कहीं आसमान से भीषण आफत बरस रही है तो कहीं लोग पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे हैं। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 36 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी कर दिया है। इसके अलावा बिहार के 8 प्रमुख जिलों में भी मूसलाधार बारिश का दौर पिछले कई दिनों से लगातार जारी है।
पूर्वोत्तर में बाढ़ से भारी तबाही
अरुणाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भयानक तबाही मचाई है। वहां 1.02 लाख से ज्यादा नागरिक इस भयंकर प्राकृतिक आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। मूसलाधार मानसूनी बारिश के कारण अब तक 7 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है। इसके अलावा 29 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। असम के भी 6 संवेदनशील जिलों के 99 गांव पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। नतीजतन वहां के 37,032 लोगों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
कहीं सूखा तो कहीं झमाझम बारिश
ओडिशा के पुरी में ऐतिहासिक रथयात्रा के दौरान भी लगातार भारी बारिश हो रही है। लेकिन इसके ठीक विपरीत मध्य प्रदेश के जमीनी हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। वहां के जबलपुर और रीवा समेत 35 बड़े जिलों में सूखे जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। यही वजह है कि स्थानीय किसान खेतों में पानी न होने से बेहद परेशान हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार देश में इस बार मानसून 2026 के तहत बादल 23% कम बरसे हैं।
मानसून का कुल आधिकारिक आंकड़ा
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से अब तक देश भर में सिर्फ 227 मिमी बारिश दर्ज की गई है। हालांकि इस समय के दौरान सामान्य तौर पर 294.2 मिमी बारिश दर्ज होनी चाहिए थी। इसलिए देश भर में अभी तक 67.2 मिमी बारिश की एक बड़ी कमी दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में अगर पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो कृषि संकट और ज्यादा गहरा सकता है। विभाग लगातार इस बदलते मौसम तंत्र पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।