आपने एसडीएम को निरीक्षण करते और कार्रवाई करते तो देखा होगा, लेकिन मध्यप्रदेश के इस मामले में एसडीएम ने अलग ही मिसाल पेश की। उन्होंने न सिर्फ दबंगों के कब्जे से किसान की जमीन मुक्त कराई, बल्कि खुद ट्रैक्टर पर बैठकर किसान के साथ खेत में पहुंचकर सोयाबीन की बुआई भी करवाई। उनकी इस कार्यशैली की इलाके में जमकर चर्चा हो रही है और लोग उन्हें अब ‘ट्रैक्टर वाले SDM साहब’ कह रहे हैं।
शासकीय जमीन से हटाया अवैध कब्जा
आमली पठार स्थित शासकीय खसरा नंबर 69 पर विवाद सामने आया था। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जुवानसिंह रामा द्वारा रखी गई ईंटों को हटवाया। वहीं राकेश दल्लू कटारा द्वारा शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने पर पुलिस को धारा 151 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
झरनिया में ग्रामीणों का बंद रास्ता खुलवाया
झरनिया गांव के ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि शासकीय भूमि खसरा नंबर 298 और 300 पर रास्ता रोक दिया गया है। एसडीएम ने पुलिस की मदद से मौके पर पहुंचकर रास्ता खुलवाया और ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराया।विवाद का हुआ समाधान
कल्याणपुरा क्षेत्र में रूपसिंह सोलंकी के रास्ते से जुड़ा विवाद सामने आया था। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर विवाद खत्म कराया और रास्ता खुलवाकर संबंधित लोगों को राहत पहुंचाई।
SDM महेश मंडलोई की कार्यशैली
मौके पर ही समस्याओं का समाधान करने के बाद एसडीएम महेश मंडलोई की ग्रामीणों ने जमकर प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि इस तरह की जमीनी कार्रवाई से प्रशासन के प्रति भरोसा मजबूत होता है और यह अन्य अधिकारियों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है।तहसील शिविर में कई मामलों का निराकरण
आपकी तहसील आपके द्वार’ शिविर में राजस्व और जनसुविधाओं से जुड़े कई मामलों का समाधान किया गया। इस दौरान 61 नामांतरण, 13 बंटवारा, 22 अभिलेख दुरुस्ती, 36 जन्म प्रमाण पत्र, 75 फार्मर आईडी और 30 आरओआर एंट्री के आवेदन प्राप्त हुए, जिनका मौके पर ही निराकरण किया गया।