मानसून की धमाकेदार एंट्री : अगले 4 दिनों तक अंधड़-बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
छत्तीसगढ़ में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार 30 जून से अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की संभावना है। रायपुर समेत कई जिलों में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि बस्तर संभाग सहित दक्षिणी जिलों में 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं और तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं।
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कीर्तिमान न्यूज
30 Jun 2026, 09:22 AM
रायपुर
छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तेज आंधी-तूफान ने दस्तक दे दी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, प्रदेश में अभी भी कुछ इलाके ऐसे हैं जहाँ लोग मानसून की पहली अच्छी फुहारों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के मुताबिक, 30 जून से पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेजी पकड़ेंगी। अगले चार दिनों तक राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कुछ संवेदनशील इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (गाज) गिरने की भी आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने प्रदेश के एक बड़े हिस्से में तेज अंधड़ और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।
इन जिलों में विशेष अलर्ट
राजधानी रायपुर समेत दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी, बालोद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया जिलों में मौसम विभाग ने विशेष अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ न सिर्फ बारिश होगी, बल्कि 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे गर्मी से बड़ी राहतकी रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की भी आशंका है। दूसरी तरफ, दक्षिण छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती इलाकों में भी मानसून सक्रिय है।
यलो अलर्ट किया जारी
सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, गरियाबंद, महासमुंद और बलरामपुर में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं। इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए भी यलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग की जरूरी सलाह, लापरवाही पड़ सकती है भारी : खराब मौसम और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए मौसम केंद्र ने आम जनता और खासकर किसानों के लिए गाइडलाइन जारी की है:
पेड़ों के नीचे न लें आसरा: आंधी-बारिश या कड़कती बिजली के दौरान भूलकर भी बड़े पेड़ों के नीचे न खड़े हों।
खेतों में काम करने से बचें: यदि आसमान में बिजली कड़क रही हो, तो किसानों को खुले खेतों में काम तुरंत बंद कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाना चाहिए।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी: बिजली कड़कने के दौरान घरों में बिजली के उपकरणों को बंद रखने की सलाह दी गई है।