छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी 25 वर्षीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंजीनियर श्रेष्ठ मलिक की हरियाणा के गुरुग्राम में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। श्रेष्ठ का शव रेलवे ट्रैक पर मिला। ट्रेन की चपेट में आने से उसका शरीर दो हिस्सों में बंट गया था। गुरुग्राम पुलिस को आशंका है कि श्रेष्ठ ने पहले अपनी सहकर्मी और दोस्त इशाका की चाकू मारकर हत्या की और इसके बाद ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, श्रेष्ठ के परिवार ने पुलिस के इस दावे पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
श्रेष्ठ मलिक भिलाई के जामुल थाना क्षेत्र का निवासी था। वह गुरुग्राम के सेक्टर-59 स्थित Optum Global Solutions कंपनी में AI इंजीनियर के पद पर काम करता था। इसी कंपनी में उत्तर प्रदेश के सीतापुर निवासी इशाका भी नौकरी करती थी। पुलिस के अनुसार, दोनों की पहचान कंपनी में हुई थी और दोनों एक-दूसरे को जानते थे। जांच में सामने आया है कि घटना से करीब तीन दिन पहले ही इशाका अपना पुराना कमरा छोड़कर श्रेष्ठ के साथ गुरुग्राम के सेक्टर-55 स्थित एक पीजी में रहने लगी थी।
परिवार ने पुलिस को दी थी सूचना
पुलिस के मुताबिक, 12 जुलाई को इशाका के परिवार ने गुरुग्राम पुलिस से संपर्क किया था। परिजनों ने बताया कि इशाका कई घंटों से फोन नहीं उठा रही है। इसके बाद पुलिस सेक्टर-55 स्थित उसके बताए पते पर पहुंची। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी को भी घटना की जानकारी नहीं थी। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे खोलकर पुलिस अंदर पहुंची। पुलिस के अनुसार, कमरे के अंदर इशाका का शव मिला। फर्श पर काफी मात्रा में खून फैला हुआ था। शुरुआती जांच में सामने आया कि युवती की चाकू से कई वार कर हत्या की गई थी। पुलिस ने मौके पर फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए।रेलवे ट्रैक पर मिला श्रेष्ठ का शव
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इशाका के साथ श्रेष्ठ मलिक भी उसी कमरे में रहता था, लेकिन वह मौके से गायब था। पुलिस ने श्रेष्ठ की तलाश शुरू की। इसी दौरान जानकारी मिली कि 11 जुलाई को गुरुग्राम में रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिला था। ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत हो गई थी। रेलवे पुलिस को मृतक के पास मोबाइल फोन मिला था।
मोबाइल के आधार पर उसकी पहचान श्रेष्ठ मलिक के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने भिलाई में उसके परिवार को सूचना दी। परिजन गुरुग्राम पहुंचे, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद श्रेष्ठ का शव उन्हें सौंप दिया गया। श्रेष्ठ के पिता दीपक मलिक ने पुलिस की शुरुआती थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा गुरुग्राम में नौकरी करने गया था और वह किसी की हत्या नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि श्रेष्ठ ने परिवार को कभी इशाका या किसी अन्य लड़की के बारे में जानकारी नहीं दी थी।