छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने नाबालिग लड़की को न सिर्फ अपनी बातों में फंसाया, बल्कि महज दो दिनों के भीतर उसे दो बार अगवा कर फरार हो गया। इस दौरान उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म भी किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए लड़की को सुरक्षित बचा लिया है और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
यह पूरी घटना जूटमिल थाना क्षेत्र की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जूटमिल इलाके की रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग लड़की बीते 30 जून को अचानक घर से लापता हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद जब उसका कहीं पता नहीं चला, तो परेशान परिजनों ने 3 जुलाई को जूटमिल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की दबिश से पहले ही भागा आरोपी
तलाश के दौरान पुलिस को एक मुखबिर से ठोस जानकारी मिली कि लड़की को जूटमिल इलाके का ही रहने वाला 18 वर्षीय अनुज स्वर्णकार अपने घर में रखे हुए है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने 11 जुलाई को आरोपी के घर पर छापा मारा और लड़की को सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि, शातिर आरोपी पुलिस के आने की भनक लगते ही वहां से भाग निकला। इसके बाद महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में पीड़िता के बयान दर्ज किए गए और उसका मेडिकल टेस्ट कराया गया। रिपोर्ट के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1)(ड) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 4 व 6 के तहत दुष्कर्म का केस जोड़ा गया। बाल कल्याण समिति (CWC) की काउंसलिंग के बाद लड़की को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया।48 घंटे के अंदर दोबारा वारदात
मामले में मोड़ तब आया जब पुलिस फरार अनुज की तलाश कर ही रही थी कि महज दो दिन बाद, यानी 13 जुलाई को नाबालिग लड़की एक बार फिर रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई। परिजनों ने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस से की, जिसके बाद पुलिस ने बिना वक्त गंवाए अलग-अलग टीमें बनाकर दोबारा उसकी खोजबीन शुरू कर दी। बीती 15 जुलाई को पुलिस को कामयाबी हाथ लगी, जब जूटमिल पुलिस ने केवड़ाबाड़ी स्थित निकले महादेव मंदिर के पास घेराबंदी कर आरोपी अनुज स्वर्णकार को धर दबोचा।
उसके पास से नाबालिग को एक बार फिर छुड़ाया गया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि अनुज उसे 13 जुलाई को ट्रेन से बिलासपुर ले गया था। दोनों ने पूरी रात बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर ही बिताई और अगले दिन वापस ट्रेन से रायगढ़ लौट आए, जहां वे पुलिस के हत्थे चढ़ गए। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने नाबालिग को एक बार फिर उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया है। वहीं, गिरफ्तार किए गए आरोपी अनुज स्वर्णकार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।