छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार, अंजोर विजन-2047 के माध्यम से छत्तीसगढ़ को विकसित और समृद्ध राज्यों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केवल योजनाओं के निर्माण से नहीं, बल्कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय, सटीक आंकड़ों पर आधारित नीति निर्माण और परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति से ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव होगा।
नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग में आयोजित इंडक्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिश्रा ने कहा कि राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार अंजोर विजन-2047 राज्य के दीर्घकालिक विकास का व्यापक रोडमैप है। इसमें आर्थिक विकास, सुशासन, सामाजिक प्रगति, निवेश संवर्धन और मानव विकास जैसे क्षेत्रों में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
नए लक्ष्यों का निर्धारण
मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने SDG इंडिया इंडेक्स 2023-24 में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। अब राज्य का लक्ष्य केवल सूचकांकों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाना है। उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में महत्वाकांक्षी लक्ष्यों का उल्लेख किया।
विकास के लिए समन्वय और नवाचार
संयुक्त प्रयासों से अंजोर विजन
मिश्रा ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार, UNDP और नीति आयोग के संयुक्त प्रयासों से अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों को निर्धारित समय में हासिल किया जा सकेगा। इससे छत्तीसगढ़ एक समावेशी, सतत और विकसित राज्य के रूप में नई पहचान बनाएगा।
